September 21, 2026

उत्तराखंड देहरादून महायोजना-2041, जनसुनवाई के दूसरे दिन मिले 28 महत्वपूर्ण सुझाव, शहर के विकास पर मंथन जारी,,,,

उत्तराखंड देहरादून महायोजना-2041, जनसुनवाई के दूसरे दिन मिले 28 महत्वपूर्ण सुझाव, शहर के विकास पर मंथन जारी,,,,

देहरादून: मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा देहरादून महायोजना-2041 को अधिक जनोन्मुख और व्यवहारिक बनाने के लिए आयोजित दूसरे चरण की जनसुनवाई के दूसरे दिन भी नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों, सामाजिक संगठनों, कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशनों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और दून के भविष्य को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव व आपत्तियां दर्ज कराईं।

🟢 ​प्रमुख बिंदु एवं आंकड़े

  • प्राप्त कुल सुझाव और आपत्तियां: दूसरे दिन कुल 28 आपत्तियां एवं सुझाव दर्ज किए गए।
  • प्रमुख विषय:
    • ​सड़क नेटवर्क और बेहतर यातायात प्रबंधन
    • ​भूमि उपयोग (Land Use) और पार्किंग की समस्या
    • ​सुदृढ़ जल निकासी व्यवस्था
    • ​हरित क्षेत्रों का संरक्षण
    • ​संतुलित आवासीय एवं व्यावसायिक विकास

🟢 अधिकारियों के मुख्य कथन

बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए: ​”जनसहभागिता ही महायोजना की सबसे बड़ी ताकत है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा विजन डॉक्यूमेंट तैयार करना है जो न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करे, बल्कि भविष्य की शहरी चुनौतियों का भी प्रभावी समाधान प्रस्तुत करे।”

​”जनसहभागिता ही महायोजना की सबसे बड़ी ताकत है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा विजन डॉक्यूमेंट तैयार करना है जो न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करे, बल्कि भविष्य की शहरी चुनौतियों का भी प्रभावी समाधान प्रस्तुत करे।”

मोहन सिंह बर्निया, सचिव, एमडीडीए: ​”सभी सुझावों को एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जा रहा है। प्रत्येक सुझाव का निष्पक्ष एवं तकनीकी परीक्षण नियोजन विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा, और जो प्रस्ताव जनहित व नियमों के अनुरूप होंगे, उन्हें अंतिम प्रारूप में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।”

​”सभी सुझावों को एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जा रहा है। प्रत्येक सुझाव का निष्पक्ष एवं तकनीकी परीक्षण नियोजन विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा, और जो प्रस्ताव जनहित व नियमों के अनुरूप होंगे, उन्हें अंतिम प्रारूप में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।”

 

एमडीडीए का स्पष्ट मानना है कि महायोजना-2041 केवल एक विकास का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह आने वाले दशकों में देहरादून के सुनियोजित, सुरक्षित और आधुनिक विकास का एक पुख्ता रोडमैप है। प्राधिकरण की तकनीकी टीम और नियोजन विशेषज्ञ अब इन सभी सुझावों के गहन परीक्षण में जुट गए हैं ताकि इस विजन डॉक्यूमेंट को पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक बनाया जा सके।

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