उत्तराखंड धर्मनगरी हरिद्वार से विकास का संदेश, हरिद्वार में 12 अक्टूबर को धामी कैबिनेट की बैठक, गैरसैंण सत्र पर भी लग सकती है मुहर,,,

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार अब धर्मनगरी हरिद्वार से विकास और जनसरोकारों का बड़ा संदेश देने जा रही है। चंपावत के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल की अगली महत्वपूर्ण बैठक 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे हरिद्वार स्थित सीसीआर (कंट्रोल रूम) भवन के सभागार में आयोजित की जाएगी। सरकार के इस कदम को पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी जिलों को भी अपनी विकास प्राथमिकताओं के केंद्र में रखने की एक रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
शासन के विकेंद्रीकरण और समावेशी विकास पर जोर
प्रदेश सरकार लगातार समावेशी और संतुलित विकास की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इससे पहले चंपावत जैसे सीमांत पर्वतीय जिले में कैबिनेट बैठक आयोजित कर शासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जाने का संदेश दिया गया था। अब मैदानी जनपद हरिद्वार में बैठक का आयोजन कर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के विकास मॉडल में मैदान और पहाड़ दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है।
कुंभ मेला, उद्योग और पर्यटन पर रहेगा मुख्य फोकस
राज्य का प्रमुख धार्मिक, औद्योगिक और पर्यटन केंद्र होने के साथ-साथ हरिद्वार अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी अलग पहचान रखता है। ऐसे में यहां आयोजित होने वाली कैबिनेट बैठक में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों, क्षेत्र के अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास, औद्योगिक प्रोत्साहन, पर्यटन विस्तार और अन्य बड़े आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गहन मंथन होने और नीतिगत निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
गैरसैंण विधानसभा सत्र पर कैबिनेट में होगा फैसला
इस बैठक का एक प्रमुख एजेंडा आगामी विधानसभा सत्र भी रहेगा। जानकारी के अनुसार, सरकार राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 21 से 24 अक्टूबर के मध्य विधानसभा सत्र आहूत करने की तैयारी में है। 12 अक्टूबर को होने वाली मंत्रिमंडल की इस बैठक में सत्र की आधिकारिक तिथियों और प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई जा सकती है।

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