February 23, 2026

उत्तराखंड परिवार रजिस्टर पर सख्ती की तैयारी अब नाम जुड़वाना नहीं होगा आसान, नई नियमावली लाने की तैयारी मे धामी सरकार,,,,

उत्तराखंड परिवार रजिस्टर पर सख्ती की तैयारी अब नाम जुड़वाना नहीं होगा आसान, नई नियमावली लाने की तैयारी मे धामी सरकार,,,,


देहरादून: उत्तराखंड में जनसांख्यिकीय संतुलन बिगड़ने के बढ़ते खतरे को देखते हुए धामी सरकार परिवार रजिस्टर से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि परिवार रजिस्टर में हुई गंभीर अनियमितताएं राज्य के हित में नहीं हैं और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए इस पर सख्त कदम उठाना जरूरी है।
माल्टा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी के कोटद्वार, टिहरी के मुनिकीरेती, चंपावत के बनबसा और टनकपुर जैसे क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय संतुलन तेजी से बिगड़ा है। सीमावर्ती इलाकों में अवैध बसावट और फर्जीवाड़े के कारण ऐसे लोगों के नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज हो गए हैं, जिनका पहले वहां कोई अस्तित्व नहीं था।
सीएम धामी ने कहा कि मौजूदा नियम कमजोर और अस्पष्ट हैं। परिवार रजिस्टर में नाम जोड़ने के लिए “निवासी” होने की शर्त तो है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कितने समय से निवासी होना जरूरी है। इसी का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर फर्जी प्रविष्टियां की गईं। कई मामलों में अधिकारियों के हस्ताक्षर तक नहीं हैं और बिना किसी जांच के नाम दर्ज होते रहे।
सरकार अब कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर नई नियमावली बनाएगी। इसमें निवासी की स्पष्ट परिभाषा तय की जाएगी, परिवार रजिस्टर में नाम जोड़ने की समय-सीमा बढ़ाई जाएगी और प्रपत्र में अतिरिक्त कॉलम जोड़े जा सकते हैं, ताकि पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही नाम दर्ज हो सके। सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत तीन दिन में नाम दर्ज करने की व्यवस्था को भी संशोधित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि वह किसी भी कीमत पर भावी पीढ़ी को असुरक्षित उत्तराखंड नहीं देंगे। स्थानीय लोगों के नाम पर हो रही अवैध प्लॉटिंग को भी जनसांख्यिकीय असंतुलन की बड़ी वजह बताते हुए उन्होंने इस पर भी सख्ती के संकेत दिए।

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