October 13, 2026

उत्तराखंड प्रदेश में 3 से 4 जिलों के DM सहित CDO, ADM और SDM स्तर पर बदलाव की संभावना, तीन साल से जमे अफसरों पर गिरेगी गाज,,,

उत्तराखंड प्रदेश में 3 से 4 जिलों के DM सहित CDO, ADM और SDM स्तर पर बदलाव की संभावना, तीन साल से जमे अफसरों पर गिरेगी गाज,,,

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देहरादून। उत्तराखंड में प्रशासनिक मशीनरी में बड़े स्तर पर फेरबदल को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर धामी सरकार ने अधिकारियों के तबादलों को लेकर व्यापक स्तर पर गृहकार्य (होमवर्क) शुरू कर दिया है। इस बार शासन का मुख्य ध्यान सचिवालय के बजाय फील्ड में तैनात अधिकारियों पर केंद्रित है। माना जा रहा है कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और चुनावी दृष्टि से जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए जल्द ही आईएएस (IAS) और पीसीएस (PCS) अधिकारियों की तबादला सूची जारी हो सकती है।

​🟢 तबादला नीति के दो मुख्य आधार, 3 साल की तैनाती और बेहतर तालमेल

​शासन स्तर पर चल रही कवायद में मुख्य रूप से दो बिंदुओं को आधार बनाया जा रहा है:

  1. ​तीन वर्ष का कार्यकाल: ऐसे अधिकारी जो एक ही स्थान अथवा पद पर तीन वर्ष से अधिक समय से तैनात हैं, उन्हें नियमों के अनुरूप अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा। हालांकि यह नियम चुनावी जिम्मेदारियों और संबंधित पदों की प्रकृति के अनुसार लागू होगा।
  2. ​प्रशासनिक दक्षता: जिलों में बेहतर तालमेल स्थापित करने, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और विकास योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए दक्ष अधिकारियों को अग्रिम मोर्चे पर लाया जाएगा।

​🟢 3-4 जिलों के जिलाधिकारी और सीडीओ बदले जाने के आसार

​संभावित सूची का सबसे बड़ा असर जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था पर देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य के करीब तीन से चार जिलों में जिलाधिकारियों (DM) को बदला जा सकता है। इसके साथ ही कई जिलों में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), अपर जिलाधिकारी (ADM) और उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर पर भी बड़े बदलाव की तैयारी है। विधानसभा चुनाव से पहले फील्ड स्तर पर प्रशासनिक पकड़ मजबूत करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।

​🟢 सचिवालय स्तर पर सीमित फेरबदल की संभावना

​फील्ड अधिकारियों के साथ-साथ शासन (सचिवालय) स्तर पर तैनात कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में भी बदलाव पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, सचिवालय में व्यापक फेरबदल के बजाय चुनिंदा और महत्वपूर्ण विभागों तक ही यह कवायद सीमित रहने का अनुमान है। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करना और प्रशासनिक कामकाज को गति देना है।

​तबादला सूची को लेकर शासन में अंतिम दौर का मंथन चल रहा है और जल्द ही तबादला आदेश जारी होने की उम्मीद है।

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