July 17, 2026

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की बधाई; ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद पौधारोपण की अपील,,,

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की बधाई; ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद पौधारोपण की अपील,,,

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को लोक पर्व ‘हरेला’ की पूर्व संध्या पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने, लोक संस्कृति को संजोने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला एक पवित्र त्योहार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे लोक पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की वास्तविक पहचान हैं और यह हमें अपनी जड़ों व परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं।

🟢 पर्यावरण संरक्षण हमारी विशिष्ट जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री

​मुख्यमंत्री ने देवभूमि की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विशिष्टता का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड का प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता वैश्विक स्तर पर लोगों को आकर्षित करती है। ऐसे में पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य के जल स्रोतों, नदियों और गाड़-गदेरों (स्थानीय बरसाती नालों व जलधाराओं) के पुनर्जीवन तथा संरक्षण के लिए निरंतर सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

🟢 ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ेगा हरेला पर्व

​प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल ने समाज में वृक्षारोपण को लेकर एक नई जन-जागरूकता पैदा की है।

​”वृक्षारोपण आज केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि जन-भावना से जुड़ा विषय बन चुका है। हमारा यह प्रयास भावी पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने और प्रकृति संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाने में मददगार साबित होगा।”श्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

 

🟢 वृहद पौधारोपण के लिए तैयार की गई कार्य-योजना

​इस वर्ष हरेला पर्व के अवसर पर राज्य के वन एवं उद्यान विभाग द्वारा शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के लिए प्रभावी कार्य-योजना तैयार की गई है।

​मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के इस महाभियान में जन-सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि देवभूमि के हरित आवरण को और अधिक समृद्ध बनाया जा सके।

 

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