July 18, 2026

उत्तराखंड में अवैध निर्माण पर एमडीडीए ने किया बड़ा प्रहार, डोईवाला में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मसूरी और कारगी में कई अवैध इमारतें सील,,,

उत्तराखंड में अवैध निर्माण पर एमडीडीए ने किया बड़ा प्रहार, डोईवाला में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मसूरी और कारगी में कई अवैध इमारतें सील,,,

देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ बुधवार को एक व्यापक और कड़ा अभियान चलाया।

“प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में चला बुल्डोजर; उपाध्यक्ष बोले- नियोजित शहरी विकास से कोई समझौता नहीं”

प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने भारी प्रशासनिक और पुलिस बल की मौजूदगी में डोईवाला, कारगी ग्रांट, यूनिवर्सिटी रोड और मसूरी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस विशेष अभियान के दौरान लगभग 30 बीघा क्षेत्र में बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों की सड़कों व संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि कई व्यावसायिक और आवासीय अवैध निर्माणों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

🔴 डोईवाला में रेलवे फाटक के निकट 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग जमींदोज

​इस अभियान की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई डोईवाला क्षेत्र के खत्ता रोड स्थित रेलवे फाटक के निकट देखने को मिली। यहां परमजीत कौर, शूरवीर सिंह पंवार, विनोद रावत, शाहरुख वसीम और नरेन्द्र बसेरा द्वारा लगभग 30 बीघा विस्तृत भूमि पर बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के अवैध प्लॉटिंग विकसित की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने मौके पर भारी मशीनों के साथ पहुंचकर अवैध रूप से बनाई जा रही सड़कों, भूखंडों के सीमांकन (बाउंड्री वॉल) और अन्य बुनियादी ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

🔴 कारगी ग्रांट और यूनिवर्सिटी रोड पर अवैध व्यावसायिक निर्माण सील

​प्रवर्तन कार्रवाई के दूसरे चरण में विजिलेंस ऑफिस रोड, कारगी ग्रांट क्षेत्र में नियमों की धज्जियां उड़ाकर बनाई जा रही अवैध दुकानों को चिह्नित किया गया। फरमान नामक व्यक्ति द्वारा किए जा रहे इस निर्माण कार्य को एमडीडीए द्वारा बार-बार दी गई चेतावनियों और नोटिसों के बावजूद जारी रखा गया था, जिसके चलते टीम ने मौके पर ही दुकानों को सील कर दिया।

​इसके अतिरिक्त, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्र में यामीन, अमीर खान एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक निर्माण कार्य संचालित किया जा रहा था। निरीक्षण में आवश्यक अनुमतियां न पाए जाने पर प्राधिकरण ने निर्माण स्थल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और संबंधित पक्षों को भविष्य में किसी भी प्रकार का निर्माण न करने की कड़ी हिदायत दी।

🔴 पर्वतीय क्षेत्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं- मसूरी क्षेत्र में भी कड़ा ऐक्शन

​प्राधिकरण की कार्रवाई का दायरा केवल मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि टिहरी-चम्बा रोड स्थित टिपरी धार, मसूरी में भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई। यहां सुरेश कुमार, सरोजनी देवी और प्रीति कुमारी द्वारा किए जा रहे अनधिकृत निर्माण को नियमानुसार स्वीकृत न पाए जाने पर पूरी तरह सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित और अवैध निर्माण भौगोलिक व पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद खतरनाक हैं, इसलिए ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

🟢आमजन से अपील- निवेश से पहले जांचें वैधानिक स्थिति

प्राधिकरण ने आम नागरिकों और निवेशकों से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी भूखंड या भवन की खरीद-फरोख्त अथवा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एमडीडीए कार्यालय से उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य कर लें। बिना स्वीकृति विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों या भवनों में पूंजी लगाना जोखिम भरा है, जिससे भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 

​                 🔴आधिकारिक वक्तव्य🔴

🟢 उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी

“एमडीडीए क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता एक नियोजित, सुरक्षित और टिकाऊ शहरी विकास सुनिश्चित करना है। डोईवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में की गई यह कार्रवाई नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए एक सख्त संदेश है। यह प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार और अधिक कठोरता से जारी रहेगा।”

🟢 सचिव मोहन सिंह बर्निया

“प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम नियमित रूप से समस्त क्षेत्रों का गहन निरीक्षण कर रही है। जिन स्थानों पर भी बिना मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटिंग या निर्माण कार्य संचालित पाए जा रहे हैं, वहां नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एमडीडीए क्षेत्र के अंतर्गत समस्त भवन निर्माण और भूमि विकास कार्य केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किए जाने चाहिए।”

You may have missed

Share