September 21, 2026

उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा होगी सख्त, परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कुलपति और कुलसचिव होंगे जिम्मेदार,,,,

उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा होगी सख्त, परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कुलपति और कुलसचिव होंगे जिम्मेदार,,,,

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई तकनीकी शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया गया है कि विश्वविद्यालयों के अधीन संचालित तकनीकी संस्थानों में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही मिलने पर अब सीधे तौर पर कुलपति (Vice-Chancellor), कुलसचिव (Registrar) और परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) की जवाबदेही तय की जाएगी। गंभीर मामलों में नकल विरोधी कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

🟢 बैठक के प्रमुख बिंदु एवं निर्देश

  • गेस्ट फैकल्टी के प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई: राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में सुचारु शिक्षण कार्य के लिए 480 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति का प्रस्ताव पिछले एक महीने से शासन स्तर पर लंबित है। शिक्षा मंत्री ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए अधिकारियों को जल्द से जल्द निर्णय लेकर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
  • रिक्त पदों को भरना: तकनीकी संस्थानों में लंबे समय से खाली पड़े शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने के निर्देश दिए गए हैं।
  • सख्त परीक्षा प्रबंधन: परीक्षाओं को गोपनीय, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की नकल या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
  • शैक्षणिक कैलेंडर और फैकल्टी ट्रेनिंग: संस्थानों में समयबद्ध तरीके से शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, शिक्षकों के लिए ‘फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम’ (FDP) कैलेंडर के तहत उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षित कराने की योजना है।
  • निर्माण कार्यों की समीक्षा: गोपेश्वर, उत्तरकाशी, टिहरी, पंतनगर, टनकपुर, पिथौरागढ़, पौड़ी और अल्मोड़ा सहित विभिन्न संस्थानों में चल रहे भवनों व प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यों की संस्थानवार समीक्षा की गई। तय समय सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सरकार के इस कदम से तकनीकी शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली में सुधार आने और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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