उत्तराखंड में पलायन पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए गांवों में रोजगार और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के अधिकारियों को दिए निर्देश,,,
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाओं का प्रभावी एवं धरातलीय क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री आवास में शुक्रवार को ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन की स्थिति, रिवर्स पलायन, स्वरोजगार तथा स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की।
बैठक में आयोग की ओर से विभिन्न जिलों में आयोजित प्रवासी पंचायतों, पलायन निवारण एवं स्वरोजगार जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। आयोग के सदस्यों ने पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को गांवों से जोड़ने के संबंध में सुझाव भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में आए सुझावों पर गंभीरता से विचार कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। ग्रामीणों को स्वरोजगार एवं आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी गांव स्तर पर सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए। योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों और बैंकों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और कौशल को रोजगार से जोड़कर युवाओं को अपने गांव में ही आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि रिवर्स पलायन सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने से नहीं होगा, बल्कि गांवों में बेहतर आजीविका, सुविधाएं और संभावनाएं विकसित करनी होंगी। इसके लिए विभागों को परिणामोन्मुखी तरीके से कार्य करना होगा।
बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी, सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली एवं रंजना रावत सहित सचिव धीराज गर्ब्याल, डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अहमद इकबाल, अपर सचिव सौरभ गहरवार, अनुराधा पाल एवं संतोष बडोनी मौजूद रहे।


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