October 12, 2026

उत्तराखंड राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले गरमाई सियासत, सीएम धामी का तंज “पेपर लीक पर बोलने से पहले कांग्रेस अपने शासनकाल को याद करे”,,,,

उत्तराखंड राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले गरमाई सियासत, सीएम धामी का तंज “पेपर लीक पर बोलने से पहले कांग्रेस अपने शासनकाल को याद करे”,,,,

​देहरादून: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी 17 जुलाई को प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे से पहले राज्य में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के दौरे और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे ‘पेपर लीक’ के मुद्दे को लेकर मुख्य विपक्षी दल पर तीखा हमला बोला है। सीएम धामी ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि इस विषय पर राजनीति करने से पहले उन्हें अपने खुद के शासनकाल का भी आत्ममंथन करना चाहिए।

​🟢 “कांग्रेस सरकारों के समय भी होते रहे हैं पेपर लीक”- मुख्यमंत्री

​देहरादून में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यदि राहुल गांधी पेपर लीक के मुद्दे को लेकर उत्तराखंड आ रहे हैं, तो उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि ऐसी घटनाएं कांग्रेस की सरकारों के दौरान भी लगातार होती रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस संवेदनशील विषय पर दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने ट्रैक रिकॉर्ड का आकलन कर लेना चाहिए।

​🟢 पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के दौरे की टाइमिंग पर उठाए सवाल

​मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के इस दौरे के समय (टाइमिंग) पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:

​“यदि राहुल गांधी वास्तव में युवाओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर गंभीर होते, तो उन्हें चुनाव से ठीक पहले या फिर उस समय उत्तराखंड आना चाहिए था जब ये मामले शुरुआती तौर पर सामने आए थे। अब जब चुनावी माहौल बन रहा है, तब नेताओं का लगातार दौरा करना केवल एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया और चुनावी रणनीति का हिस्सा है।”

 

​🟢 चुनावी समर में ‘पेपर लीक’ बना बड़ा मुद्दा

​उत्तराखंड की राजनीति में सरकारी भर्तियों में अनियमितता और पेपर लीक का मुद्दा लगातार गर्माया रहा है। जहां एक ओर विपक्ष (कांग्रेस) इसे सरकार की विफलता बताकर युवाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश में है, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल (भाजपा) इसे कांग्रेस के समय की ‘विरासत’ बताते हुए कड़े कानून और त्वरित कार्रवाई का हवाला देकर पलटवार कर रहा है। 17 जुलाई को राहुल गांधी के आगमन के साथ ही इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

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