उत्तराखंड शिक्षा अधिकारी से हुई अभद्रता के बाद प्रदेश में सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए एसओपी जारी,,,,
देहरादून। सरकारी कार्यालयों में अक्सर घटित होने वाली अप्रिय, हिंसक घटनाओं को देखते हुए इसकी रोकथाम के लिए एसओपी जारी की गई है। जिसके सुरक्षा नियम आम जनमानस, निजी ठेकेदारों, जन प्रतिनिधियों, उनके समर्थकों, व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारियों सहित सभी आगंतुकों पर बिना किसी अपवाद के लागू होंगे।
सरकारी कर्मचारी, अधिकारियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी। जिसके तहत सरकारी कार्यालय परिसरों में आम जनता के वाहनों पर अब पूरी तरह से रोक रहेगी। प्रवेश द्वार पर जांच के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। वहीं, विभागीय सचिव खतरे के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर सकेंगे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जारी आदेश में कहा, सरकारी कार्यालयों में अक्सर घटित होने वाली अप्रिय, हिंसक घटनाओं को देखते हुए इसकी रोकथाम के लिए एसओपी जारी की गई है। जिसके सुरक्षा नियम आम जनमानस, निजी ठेकेदारों, जन प्रतिनिधियों, उनके समर्थकों, व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारियों सहित सभी आगंतुकों पर बिना किसी अपवाद के लागू होंगे। वीआईपी या दिव्यांगजनों के वाहनों को संघन जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। महानुभावों, विशिष्ट व्यक्तियों के वाहन पूर्व अनुमति के बाद ही परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। सभी स्थायी और संविदा कर्मचारियों को पहचान पत्र धारण करना अनिवार्य होगा। सुरक्षा कर्मियों की ओर से सभी व्यक्तियों की शारीरिक जांच की जाएगी।
दुर्व्यवहार के दोषियों के प्रवेश पर रहेगी रोक
शासन ने जारी एसओपी में कहा, दुर्व्यहार के दोषियों के प्रवेश पर रोक के लिए सुरक्षा चौकी पर एक औपचारिक नो-एंट्री फोटो युक्त पंजिका दी जाए। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात के लिए पहले से समय लेना होगा। ऐसा न करने वालों को प्रवेश द्वार से लौटा दिया जाएगा।
जन शिकायतों की सुनवाई के लिए समय होगा तय
विभागाध्यक्षों की ओर से जन शिकायतों की सुनवाई के लिए समय तय किया जाएगा। निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ अधिकतम तीन लोग ही प्रवेश कर सकेंगे। सुरक्षा कर्मी अपने शस्त्र नहीं ले जा सकेंगे। जो प्रतीक्षालय में ही रुकेंगे।
प्रवेश द्वार और कक्षों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
प्रवेश द्वार और कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। वहीं, अधिकारियों की डेस्क के नीचे एवं रिसेप्शन में गुप्त साइलेंट पैनिक अलार्म लगाए जाएंगे। यदि कोई घटना होती है तो क्षेत्र को सील किया जाए। वहीं, विवेचना निरीक्षक के स्तर से की जाए।
आगंतुकों के लिए तय होगी आचार संहिता
विभाग यह तय करेंगे कि आगंतुकों के लिए आचार संहिता बनेगी। वहीं, विभागीय सचिव के अनुरोध पर गृह सचिव, निदेशालय व उच्च जोखिम वाले कार्यालयों के वार्षिक सुरक्षा ऑडिट के लिए पुलिस मुख्यालय को निर्देश देंगे।


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