October 15, 2026

उत्तराखंड सचिवालय में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक, निर्माण कार्यों में लेत-लतीफी पर मुख्य सचिव सख्त, हर जिले में CBT परीक्षा केंद्र विकसित करने के निर्देश,,,

उत्तराखंड सचिवालय में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक, निर्माण कार्यों में लेत-लतीफी पर मुख्य सचिव सख्त, हर जिले में CBT परीक्षा केंद्र विकसित करने के निर्देश,,,

​देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत विकास व निर्माण संबंधी प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श के बाद सहमति प्रदान की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को परियोजनाओं के त्वरित और पारदर्शी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

​🟢 मंडी परिषद की कार्यप्रणाली पर नाराजगी, समयबद्धता के निर्देश

उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत डिग्री कॉलेजों के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्था ‘मंडी परिषद’ द्वारा विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित परियोजनाओं की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करते हुए विस्तृत प्रगति कार्ययोजना (एक्शन प्लान) तत्काल प्रस्तुत करने के आदेश दिए।

​🟢 कक्षाओं और प्रयोगशालाओं के निर्माण को मिले सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों के निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से संपन्न कराए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भवनों के निर्माण में कक्षाओं (क्लासरूम) के साथ-साथ आधुनिक प्रयोगशालाओं (लैब्स) के काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही आईटीआई भवनों के निर्माण में सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, जिससे युवाओं को गुणवत्तापरक तकनीकी प्रशिक्षण मिल सके।

🟢 ​हर जनपद में बनेगा सीबीटी केंद्र, प्रतियोगी परीक्षाओं को मिलेगा बल

राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के व्यापक हित में एक दूरगामी फैसला लेते हुए मुख्य सचिव ने डिग्री कॉलेजों में बन रहे परीक्षा भवनों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के अनुकूल तैयार करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कम से कम एक ऐसा अत्याधुनिक परीक्षा केंद्र अनिवार्य रूप से विकसित किया जाना चाहिए, जहां कर्मचारी चयन आयोग (SSC) और उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) जैसी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं ऑनलाइन प्रणाली से निर्बाध रूप से आयोजित की जा सकें। इससे राज्य में डिजिटल परीक्षा आयोजन की क्षमता में वृद्धि होगी और दूरदराज के अभ्यर्थियों को बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

​🟢 वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एडीजीपी (कारागार) अभिनव कुमार, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव मनुज गोयल एवं नरेंद्र सिंह भंडारी सहित संबंधित विभागों के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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