July 24, 2026

​उत्तराखंड हाई कोर्ट ने नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में निकाय चुनाव में ‘दो से अधिक बच्चों’ को चुनौती देने वाली याचिका पर की सुनवाई,,,,

​उत्तराखंड हाई कोर्ट ने नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में निकाय चुनाव में ‘दो से अधिक बच्चों’ को चुनौती देने वाली याचिका पर की सुनवाई,,,,

नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में दो से अधिक बच्चों वाले प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने मामले में महाधिवक्ता को भी नोटिस जारी किया है।

🟢 क्या है पूरा मामला?

​उधम सिंह नगर जिले के किच्छा निवासी नईम उल द्वारा दायर याचिका में नगर पालिका और नगर निगम संशोधन एक्ट 2002 के एक प्रावधान को चुनौती दी गई है।

  • कट-ऑफ डेट का अंतर: कानून के अनुसार, नगर पालिका व नगर निगमों में वर्ष 2002 के बाद दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को चुनाव लड़ने के अयोग्य माना गया है।
  • पंचायतों का नियम: वहीं दूसरी ओर, पंचायत चुनाव में यह नियम 27 सितंबर 2009 के बाद लागू किया गया है।

🟢 याचिकाकर्ता का तर्क

​याचिका में कहा गया है कि परिसीमन के कारण कई ग्रामीण इलाके अब नगर पालिका या नगर निगम क्षेत्र में शामिल हो चुके हैं।

  • ​जो प्रत्याशी पहले ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव लड़ने के योग्य थे, वे अब नगर निकाय परिसीमन के बाद स्वतः अयोग्य घोषित हो गए हैं।
  • ​याचिकाकर्ता के अनुसार, राज्य में एक ही विषय पर दो अलग-अलग कट-ऑफ डेट लागू करना नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन और असमानता है।

🟢 याचिका में की गई मुख्य माँग

​याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि नगरीय क्षेत्रों में भी इस नियम की कट-ऑफ डेट को वर्ष 2009 तय किया जाए, ताकि प्रभावित प्रत्याशी आगामी नगरीय निकाय चुनावों में भाग ले सकें।

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