August 26, 2026

उत्तराखंड हिमालयी राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल बनेगा उत्तराखंड, देहरादून, मसूरी, रुद्रपुर और लालकुआं ‘लाइटहाउस सिटी’ घोषित,,,,,

उत्तराखंड हिमालयी राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल बनेगा उत्तराखंड, देहरादून, मसूरी, रुद्रपुर और लालकुआं ‘लाइटहाउस सिटी’ घोषित,,,,,

देहरादून: उत्तराखंड ने हिमालयी क्षेत्रों में टिकाऊ और समावेशी शहरी स्वच्छता माडल विकसित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए ‘उत्तराखंड अर्बन सैनिटेशन कान्क्लेव-2026’ का आयोजन किया।

देहरादून में आयोजित इस राज्य स्तरीय सम्मेलन में उत्तराखंड के चार शहरों देहरादून, मसूरी, रुद्रपुर और लालकुआं को शहरी स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में ‘लाइटहाउस सिटीज’ के रूप में प्रस्तुत किया गया।

सम्मेलन में जारी की गई ‘लाइटहाउस सिटीज फार वेस्ट मैनेजमेंट फ्राम उत्तराखंड इंडिया’ रिपोर्ट को हिमालयी राज्यों के लिए एक अनुकरणीय माडल बताया गया।

लाइटहाउस सिटीज
चकराता रोड स्थित होटल में आयोजित इस कान्क्लेव का आयोजन शहरी विकास निदेशालय (यूडीडी) उत्तराखंड की ओर से एटीआइ नैनीताल एवं राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआइयूए) के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कई महत्वपूर्ण ज्ञान उत्पादों का लोकार्पण किया। इनमें ‘पर्यावरण मित्र’ ग्राफिक स्टोरी, ‘लाइटहाउस सिटीज’ रिपोर्ट, सेप्टेज प्रबंधन प्रोटोकाल पर क्षमता निर्माण रिपोर्ट, देहरादून की अनौपचारिक बस्तियों में समावेशी स्वच्छता पर अध्ययन, ‘टुवार्ड्स सेफ एंड डिग्निफाइड सैनिटेशन वर्क’ शोध रिपोर्ट, यूज्ड वाटर एवं फीकल स्लज मैनेजमेंट डैशबोर्ड तथा ‘फ्राम पालिसी टू प्रैक्टिस’ डाक्यूमेंट्री शामिल हैं।

शहरी विकास निदेशालय के निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी ने कहा कि उत्तराखंड समावेशी, लचीली और टिकाऊ स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाने, सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देकर हिमालयी शहरों के लिए दीर्घकालिक स्वच्छता माडल तैयार कर रही है।

राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआइयूए) की टीम लीड डा. महरीन मट्टो ने कहा कि ‘लाइटहाउस सिटीज’ रिपोर्ट उत्तराखंड के सफल अनुभवों और नवाचारों का दस्तावेजीकरण करती है। यह रिपोर्ट नीति निर्माताओं, नगर निकायों और विकास साझेदारों को सुरक्षित, समावेशी और टिकाऊ स्वच्छता प्रणालियों के विकास में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

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