August 15, 2026

उत्तराखंड अब हरिद्वार हरिहर बांके बिहारी मंदिर की दानराशि में लगे गबन का आरोप, कोर्ट के आदेश पर 4 लोगों पर हुआ मुकदमा दर्ज,,,

उत्तराखंड अब हरिद्वार हरिहर बांके बिहारी मंदिर की दानराशि में लगे गबन का आरोप, कोर्ट के आदेश पर 4 लोगों पर हुआ मुकदमा दर्ज,,,

हरिद्वार: ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित नया हरिद्वार कॉलोनी के प्रसिद्ध हरिहर बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन और नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी और गबन का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

🔴 निष्क्रिय सोसायटी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप

​स्थानीय निवासी और शिकायतकर्ता सुधाकर सिंह (निवासी नया हरिद्वार कॉलोनी) द्वारा न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार:

  • पंजीकरण व समयावधि: कॉलोनी वासियों द्वारा 17 नवंबर 2014 से 16 नवंबर 2019 (5 वर्षों) के लिए ‘नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी’ पंजीकृत कराई गई थी।
  • नवीनीकरण का अभाव: 16 नवंबर 2019 के बाद न तो सोसायटी का नवीनीकरण कराया गया और न ही कोई चुनाव हुआ।
  • अवैध कब्जा: आरोप है कि 2019 के बाद कुछ प्रभावशाली लोगों ने सांठगांठ कर स्वयं को अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष नियुक्त कर लिया तथा बिना किसी कानूनी अधिकार के मंदिर का प्रबंधन अपने हाथों में ले लिया।

🔴 फर्जी खाते में जमा कराए जा रहे थे मंदिर के पैसे

​शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने जब मंदिर की गतिविधियों का संज्ञान लिया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

    1. मासिक वसूली व दानराशि: कॉलोनी के लगभग 150 परिवारों से ₹500 प्रतिमाह (करीब ₹75,000 से ₹80,000) तथा दान पेटियों से लगभग ₹25,000 प्रतिमाह (कुल मिलाकर लगभग ₹1 लाख प्रतिमाह) एकत्र किए जा रहे थे।
    2. निष्क्रिय बैंक खाता: जांच करने पर पता चला कि सोसायटी का आंध्रा बैंक स्थित खाता वर्ष 2019 से निष्क्रिय पड़ा था।
    3. ​निजी खाते में गबन: आरोप है कि निष्क्रिय खाते के बजाय अधिकारियों की मिलीभगत से बैंक ऑफ महाराष्ट्र (हरिद्वार) में नया खाता खुलवाकर लगभग ₹16 लाख की राशि जमा कराकर गबन कर ली गई और मनमाने ढंग से खर्च की गई।

​”18 नवंबर 2025 को जब सोसायटी के पंजीकरण और हिसाब-किताब के बारे में पूछा गया, तो आरोपियों ने जानकारी देने से इंकार कर दिया। इसके बाद 7 अप्रैल को लिखित में जानकारी मांगने पर भी कोई जवाब नहीं दिया गया।”-  शिकायतकर्ता

 

🔴 पुलिस कार्रवाई न होने पर ली कोर्ट की शरण

​पुलिस द्वारा शिकायत पर कार्रवाई न किए जाने के बाद पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के रुख के बाद ज्वालापुर पुलिस हरकत में आई।

           ​अदालत के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” – कुंदन सिंह राणा, कोतवाली प्रभारी, ज्वालापुर

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