October 2, 2026

उत्तराखंड उच्च हिमालय में भारी बर्फबारी के बाद उत्तरकाशी में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर अस्थायी रोक, पर्यटन व्यवसायियों ने जताया विरोध,,,

उत्तराखंड उच्च हिमालय में भारी बर्फबारी के बाद उत्तरकाशी में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर अस्थायी रोक, पर्यटन व्यवसायियों ने जताया विरोध,,,

​उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बीते दिनों हुए अचानक मौसम परिवर्तन और भारी बर्फबारी के बाद गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने ट्रेकिंग एवं पर्वतारोहण गतिविधियों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। यह निर्णय हाल ही में ऊंचाई वाले ट्रेक रूटों पर 136 पर्वतारोहियों और ट्रेकरों के फंसने की घटना के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से लिया गया है।

​🔴 सेना और एसडीआरएफ ने चलाया था रेस्क्यू अभियान

बीते शनिवार की रात उच्च हिमालय में हुए भारी हिमपात के कारण कालिंदी खाल, ऑडेन कोल पास जैसे अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गए दल फंस गए थे। पर्यटकों व पर्वतारोहियों की सुरक्षित वापसी के लिए जिला प्रशासन, भारतीय सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाया। हर्षिल स्थित सेना के हेलीपैड से दो दिनों तक संचालित हेली रेस्क्यू अभियान के जरिए 67 ट्रेकरों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि 53 सदस्य स्वयं सुरक्षित लौट आए। वहीं, माउंट श्रीकंठ आरोहण पर निकले सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 18 सदस्यीय दल ने अपने अभियान को जारी रखने की सूचना दी थी।

​🔴 रास्तों पर 5 से 6 फीट बर्फ, सुरक्षा के चलते लिया फैसला

रेस्क्यू किए गए ट्रेकरों के अनुसार, उच्च हिमालयी दर्रों पर 5 से 6 फीट तक ताजा बर्फ जमा हो चुकी है। गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक मयंक गर्ग ने बताया कि मौसम के मिजाज और भारी बर्फबारी को देखते हुए पर्यटकों की जान-माल की सुरक्षा हेतु नए परमिट जारी करने पर रोक लगाई गई है। दूसरी ओर, उत्तरकाशी वन प्रभाग के डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े ने स्पष्ट किया कि दयारा बुग्याल और डोडीताल जैसे मध्यम ऊंचाई वाले ट्रेक रूटों पर भी ऐहतियातन आवाजाही रोकी गई थी, जिन्हें जिलाधिकारी की अंतिम अनुमति के बाद ही पुनः खोला जाएगा।

​🔴 कम जोखिम वाले ट्रेक खोलने की मांग

प्रशासन के इस एकतरफा फैसले पर स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों ने चिंता व्यक्त की है। गढ़वाल हिमालय माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने सभी ट्रेक पर एक साथ रोक लगाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम पासों पर रोक लगाना उचित है, लेकिन गंगोत्री-गोमुख, दयारा बुग्याल, डोडीताल, सातताल और क्यारकोटी जैसे मध्यम व कम जोखिम वाले मार्गों को बंद नहीं किया जाना चाहिए।

​राणा के अनुसार, गंगोत्री-गोमुख मार्ग पर हिमपात के दौरान भी ठहरने और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था रहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि सीजन के समय इस तरह पूर्ण प्रतिबंध लगाने से स्थानीय ट्रेकिंग उद्योग और पर्यटन से जुड़े आजीविका धारकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

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