October 29, 2026

उत्तराखंड ऋषिकेश चंद्रभागा नदी पर बनेगा 32 करोड़ का बो-स्ट्रिंग पुल, टिहरी और देहरादून के आस्था पथ आपस में जुड़ेंगे,,,,

उत्तराखंड ऋषिकेश चंद्रभागा नदी पर बनेगा 32 करोड़ का बो-स्ट्रिंग पुल, टिहरी और देहरादून के आस्था पथ आपस में जुड़ेंगे,,,,

​ऋषिकेश। लंबी जद्दोजहद और वर्षों के इंतजार के बाद आखिरकार चंद्रभागा नदी पर पुल निर्माण की राह साफ हो गई है। उत्तराखंड इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) ने इस परियोजना के लिए 32 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दे दी है। करीब 150 मीटर लंबे इस ‘बो-स्ट्रिंग’ पुल के बनने से देहरादून और टिहरी जनपद की सीमा पर स्थित आस्था पथ आपस में जुड़ जाएंगे। आगामी एक माह के भीतर इसका निर्माण कार्य धरातल पर शुरू करने की तैयारी है।

🟢 ​75-75 मीटर के दो स्पैन पर आकार लेगा अत्याधुनिक पुल

यूआईआईडीबी ने परियोजना के क्रियान्वयन के लिए उत्तराखंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीडीसीसीएल) को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव कुमार ने बताया कि चंद्रभागा नदी पर 75-75 मीटर के दो स्पैन वाला लगभग 150 मीटर लंबा आधुनिक बो-स्ट्रिंग पुल तैयार किया जाएगा। आवश्यक बजट स्वीकृत हो चुका है और तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

​🟢 स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग होगी पूरी

विदित रहे कि चंद्रभागा नदी त्रिवेणी घाट (देहरादून जनपद) और मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद आस्था पथ (टिहरी जनपद) के मध्य बहती है। नदी के बीच में आने के कारण दोनों जनपदों के गंगा तटों पर बने आस्था पथ एक-दूसरे से कटे हुए थे। स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों द्वारा दोनों तटों को जोड़ने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पूर्व में सिंचाई विभाग की ओर से कई बार इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेजी गई, लेकिन मामला फाइलों में ही अटका रहा।

​🟢 सीएम की घोषणा के चार साल बाद मिली सफलता

वर्ष 2022 में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मांगपत्र सौंपा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दोनों आस्था पथों को जोड़ने के लिए पुल निर्माण की औपचारिक घोषणा की थी। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी इस संदर्भ में लगातार प्रयासरत रहे। मुख्यमंत्री की घोषणा के लगभग चार वर्ष बाद वित्तीय स्वीकृति मिलने से स्थानीय निवासियों, संतों और पर्यटकों में भारी उत्साह है। पुल बनने से गंगा किनारे आवागमन सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।

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