September 2, 2026

उत्तराखंड कोटद्वार जिम विवाद, जिम मालिक मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, एफआईआर और सोशल मीडिया प्रतिबंध पर लगी रोक,,,

उत्तराखंड कोटद्वार जिम विवाद, जिम मालिक मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, एफआईआर और सोशल मीडिया प्रतिबंध पर लगी रोक,,,

देहरादून: उत्तराखंड के कोटद्वार विवाद से जुड़े जिम मालिक मोहम्मद दीपक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) पर अंतरिम रोक लगा दी है, और साथ ही हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी स्टे दे दिया है जिसमें उन्हें मामले से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट करने से रोका गया था।

🔴 क्या था पूरा मामला और विवाद?

यह पूरा मामला कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। आगामी 26 जनवरी को एक 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार से दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द को लेकर कुछ लोगों का विवाद हुआ था, और जिम मालिक दीपक के अनुसार वह उस बुजुर्ग दुकानदार के समर्थन में वहां पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ ने उनसे उनकी पहचान पूछी, जिस पर उन्होंने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह चर्चा में आए और उनके समर्थन में लोगों ने छोटे-छोटे चंदे भी दिए।

🟢 दीपक पर लगे आरोप और सरकारी पक्ष

घटना के बाद दीपक कुमार और उनके एक सहयोगी के खिलाफ दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने तथा आपराधिक धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने कुल 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं, उत्तराखंड सरकार की ओर से हाईकोर्ट में यह बात रखी गई थी कि घटना के समय दीपक भीड़ को शांत करने के लिए वहां मौजूद थे और इस दौरान उनकी भीड़ के साथ धक्का-मुक्की हुई थी। सरकार ने यह भी जानकारी दी थी कि इस घटना से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ पांच मुकदमे पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।

🔴 हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत

बीती 20 मार्च को उत्तराखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी, जहां दीपक ने एफआईआर रद्द करने, परिवार की सुरक्षा प्रदान करने तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की थी। हालांकि, तब हाईकोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी थी और उन्हें जांच में पुलिस का सहयोग करने के साथ-साथ सोशल मीडिया की अनावश्यक गतिविधियों से दूर रहने के निर्देश दिए थे।

​अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने के बाद शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है और एफआईआर व सोशल मीडिया से जुड़े हाईकोर्ट के निर्देशों पर अंतरिम रोक लगा दी है। फिलहाल यह रोक अंतरिम है और मामले की आगामी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार होगी।

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