उत्तराखंड पुलिस महकमे में हुआ बड़ा फेरबदल, रिद्धिम अग्रवाल से कानून व्यवस्था का जिम्मा वापस, नीलेश आनंद भरणे को मिली कमान,,,,

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस विभाग और शासन स्तर पर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। राज्य में कानून व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहीं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रिद्धिम अग्रवाल को इस पदभार से हटा दिया गया है। गृह सचिव शैलेश बगौली द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब राज्य की कानून व्यवस्था की कमान आईपीएस नीलेश आनंद भरणे को सौंपी गई है।
एकल आदेश ने बढ़ाई ब्यूरोक्रेसी में हलचल
अमूमन पुलिस महकमे में फेरबदल के दौरान कई अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले जाते हैं, लेकिन इस बार केवल एक ही अधिकारी के प्रभार में कटौती किए जाने से प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जारी आदेश के तहत रिद्धिम अग्रवाल से कानून व्यवस्था का प्रभार वापस लेने के बाद उन्हें कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। वर्तमान में उनके पास केवल सीसीटीएनएस (CCTNS) और एससीआरबी (SCRB) का प्रभार ही शेष रह गया है।
आईपीएस रिद्धिम अग्रवाल इससे पहले आईजी कुमाऊं और शासन में विशेष गृह सचिव जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं। अचानक हुए इस फैसले के पीछे के कारणों को लेकर शासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
नीलेश आनंद भरणे पर बढ़ा जिम्मेदारियों का दायरा
कानून व्यवस्था की नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही आईपीएस नीलेश आनंद भरणे का कार्यक्षेत्र और विस्तृत हो गया है। उनके पास वर्तमान में पहले से ही कई अहम प्रभार मौजूद हैं, जिनमें शामिल हैं:
- साइबर क्राइम (Cyber Crime)
- स्पेशल टास्क फोर्स (STF)
- एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF)
- निदेशक, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL)
इन सभी महत्वपूर्ण विंग्स के साथ-साथ अब राज्य की समग्र कानून व्यवस्था की कमान भी उन्हीं के हाथों में होगी। ऐसे में इस अतिरिक्त और संवेदनशील जिम्मेदारी के बीच पुलिस मुख्यालय में आगामी कार्यप्रणाली किस प्रकार संचालित होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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