उत्तराखंड में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 5 जिलों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट, 7 जनपदों में स्कूल बंद, आदि कैलाश यात्रा पर भी लगी रोक,,,

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के दोबारा जोर पकड़ने से पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन प्रभावित हो गया है। पिछले 24 घंटों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश जारी है, जबकि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 26 और 27 सितंबर को राज्यभर में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। खतरे को भांपते हुए कुमाऊं मंडल के सभी 6 जनपदों और गढ़वाल के रुद्रप्रयाग समेत कुल 7 जिलों में शनिवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र और जिलाधिकारियों को 24 घंटे ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट- 5 जनपदों में रेड, 5 में ऑरेंज चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार 26 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में तीव्र बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की आशंका है:
- रेड अलर्ट: बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी।
- ऑरेंज अलर्ट: देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जनपदों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान।
- बर्फबारी की चेतावनी: 4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहने की संभावना जताई गई है।
कुमाऊं में सबसे ज्यादा बारिश, बनबसा में 101 मिमी रिकॉर्ड
शनिवार सुबह 08:30 बजे तक समाप्त हुए 24 घंटों में कुमाऊं मंडल के मैदानी और तराई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बनी रही। दर्ज किए गए मुख्य बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं:

|
स्थान |
24 घंटे की बारिश (मिमी) |
पिछले 3 घंटे की बारिश (मिमी) |
|---|---|---|
|
बनबसा |
101.0 मिमी |
19.5 मिमी |
|
टनकपुर |
89.5 मिमी |
25.0 मिमी |
|
चंपावत |
67.0 मिमी |
22.5 मिमी |
|
खटीमा |
56.0 मिमी |
— |
|
लोहाघाट |
51.0 मिमी |
20.5 मिमी |
|
पंचेश्वर |
44.0 मिमी |
20.5 मिमी |
|
चल्थी |
43.0 मिमी |
17.0 मिमी |
|
पाटी |
40.5 मिमी |
— |
|
झूलाघाट |
38.0 मिमी |
— |
|
हल्द्वानी |
27.5 मिमी |
14.5 मिमी |
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे बाधित, आदि कैलाश यात्रा स्थगित
लगातार जारी बारिश के चलते भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं शुरू हो गई हैं:
- हाईवे बंद: टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार शाम से घाट बैंड के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण यातायात के लिए पूरी तरह बाधित है, जिससे पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय का संपर्क अन्य जनपदों से प्रभावित हुआ है।
- यात्रा स्थगित: सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आदि कैलाश यात्रा को शनिवार के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया है।
- चमोली में बर्फबारी: बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर मौसम का पहला व्यापक हिमपात हुआ है, जिससे निचले इलाकों में ठंडक बढ़ गई है।
शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, नदी-नालों से दूर रहने की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत व बचाव टीमों (SDRF/NDRF) को पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए। जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने के साथ स्थानीय स्तर पर लगातार चेतावनियां प्रसारित करने को कहा गया है।
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित सभी जनपदों के अधिकारियों ने आम जनमानस और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान उफनते नदी-नालों, रपटों और संवेदनशील ढलानों की ओर जाने से बचें तथा प्रशासनिक परामर्श का पालन करें।
29 सितंबर से कमजोर पड़ेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर को भी बारिश का जोर बना रहेगा, जबकि 28 सितंबर को इसमें आंशिक कमी आएगी। 29 सितंबर से पर्वतीय जनपदों में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होगी और 30 सितंबर तक मौसम साफ होने की उम्मीद है। इसी अवधि के आसपास उत्तराखंड से मानसूनी हवाओं की विदाई का सिलसिला भी शुरू हो सकता है।

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