October 2, 2026

उत्तराखंड सीडीओ ने जिला पंचायत कार्यालय नैनीताल का किया औचक निरीक्षण, नक्शा और वित्तीय गड़बड़ियों पर भड़के, जेई समेत 3 कर्मियों पर होगी कार्रवाई,,,

उत्तराखंड सीडीओ ने जिला पंचायत कार्यालय नैनीताल का किया औचक निरीक्षण, नक्शा और वित्तीय गड़बड़ियों पर भड़के, जेई समेत 3 कर्मियों पर होगी कार्रवाई,,,

​नैनीताल। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविंद कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय, नैनीताल का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान वित्तीय अनियमितताओं, फाइलों के रखरखाव में भारी लापरवाही, बिना अनुमति शासकीय पत्रावलियों को निजी आवास पर रखने और नक्शा पास करने में मिली खामियों पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई। मौके पर अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी और भीमताल पटवारी हेम जोशी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

​🔴 17-18 करोड़ की धनराशि के उपयोग पर उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान केंद्र व राज्य पोषित योजनाओं समेत 15वें वित्त आयोग से प्राप्त बजट का अपेक्षित उपयोग संतोषजनक नहीं पाया गया। वित्तीय वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त लगभग ₹17 से ₹18 करोड़ की धनराशि की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने जिला योजना, सांसद निधि और विधायक निधि के खर्च का पूरा विवरण तलब किया है। उन्होंने सभी स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध प्रस्ताव व नियमानुसार क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

​🔴 नक्शा प्रकरण में गड़बड़ी- जेई समेत तीन कार्मिक होंगे संबद्ध

भवन निर्माण व नक्शा पास करने से संबंधित अभिलेखों में आवश्यक तारीखों, हस्ताक्षरों और शुल्क रसीदों के अभाव जैसी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच पूरी होने तक कनिष्ठ अभियंता (जेई) सहित तीन संबंधित कार्मिकों को जिला पंचायत कार्यालय से अन्यत्र संबद्ध (अटैच) करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी से आवश्यक अनुमति ली जा रही है।

​🔴 हल्द्वानी आवास पर मिलीं 50-55 सरकारी फाइलें, डिस्पैच रजिस्टर में भी खेल

कार्यालय अभिलेखों की पड़ताल में सामने आया कि अभियंताओं से संबंधित लगभग 50 से 55 शासकीय पत्रावलियां बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के हल्द्वानी स्थित निजी आवास पर रखी गई हैं। इस पर सीडीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच बैठा दी है। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण टीम की मौजूदगी के दौरान ही डिस्पैच रजिस्टर में प्रविष्टियां दर्ज किए जाने पर भी नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण व जांच रिपोर्ट तलब की गई है।

​🔴 अवैध होम स्टे, कर वसूली और लीज मामलों की भी जांच

  • ​कर वसूली व लीज: टैक्स कलेक्शन की धीमी रफ्तार पर फटकार लगाते हुए वर्ष 1955-56 से लंबित लीज नवीनीकरण व परिसंपत्तियों का अद्यतन विवरण तैयार करने के निर्देश दिए गए।
  • ​अवैध निर्माण: क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे होम स्टे और अवैध निर्माणों पर तुरंत विधिक कार्रवाई करने को कहा गया।
  • ​व्यवस्थाएं: कूड़ा निस्तारण, सड़क मरम्मत व गड्ढा मुक्ति कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ उपनल कार्मिकों की उपयोगिता का पुनरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

​🔴 हाजिरी पर नकेल और दो घंटे में तलब की रिपोर्ट

कर्मचारियों की लंबे समय से अनधिकृत अनुपस्थिति और सीएल उपभोग अभिलेखों की जांच के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया। सीडीओ ने सभी बिंदुओं, वित्तीय स्थिति और लंबित फाइलों पर दो घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसे अग्रिम कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी कार्मिक को बख्शा नहीं जाएगा।

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