September 18, 2026

नैनीताल के युवा उद्यमी की अनूठी पहल, मुक्तेश्वर में स्थापित आधुनिक ग्रेडिंग-सॉर्टिंग मशीन से सेब बागवानी को मिल रही नई दिशा,,,,

नैनीताल के युवा उद्यमी की अनूठी पहल, मुक्तेश्वर में स्थापित आधुनिक ग्रेडिंग-सॉर्टिंग मशीन से सेब बागवानी को मिल रही नई दिशा,,,,

नैनीताल। पहाड़ में सेब उत्पादन को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने और किसानों को बेहतर कीमत दिलाने में आधुनिक तकनीक अब अहम भूमिका निभा रही है। मुक्तेश्वर क्षेत्र के बूढ़ी बाना निवासी युवा उद्यमी आनंद के बगीचे में स्थापित करीब 10 लाख रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक ग्रेडिंग-सॉर्टिंग मशीन इसका एक बेहतरीन उदाहरण है।

🟢 कुमाऊं में इस तरह की है यह पहली मशीन

​कुमाऊं क्षेत्र में अपनी तरह की पहली बताई जाने वाली यह मशीन सेब की ग्रेडिंग, वाशिंग, क्लीनिंग और सॉर्टिंग का काम एक साथ करने में सक्षम है। इसके माध्यम से बगीचे से निकलने वाले सेब को बाजार में भेजने से पहले उसकी गुणवत्ता और आकार के अनुसार पूरी तरह तैयार किया जा रहा है।

​पारंपरिक तौर पर यह सभी कार्य मजदूरों द्वारा हाथों से किए जाते थे, जिसमें काफी अधिक समय और श्रम की आवश्यकता होती थी। इस मशीन के उपयोग से पूरी प्रक्रिया न केवल तेज और एकरूप हो गई है, बल्कि यह बेहद व्यवस्थित भी हो गई है।

🟢 मशीन की कार्यप्रणाली और इसके लाभ

  • सफाई और धुलाई: बगीचे से लाए गए सेबों को मशीन में डाला जाता है, जहां सबसे पहले उनकी क्लीनिंग और वाशिंग होती है, जिससे फल पर लगी धूल, मिट्टी और अन्य अशुद्धियां पूरी तरह साफ हो जाती हैं।
  • आकार के आधार पर छंटाई: मशीन में लगे उन्नत ग्रेडिंग सिस्टम के जरिए सेबों को उनके आकार और तय मानकों के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में छांट लिया जाता है।
  • बेहतर पैकेजिंग और बाजार पहुंच: अच्छी तरह साफ, ग्रेडेड और आकर्षक पैकिंग में तैयार ये फल सामान्य थोक बिक्री की तुलना में सीधे उपभोक्ता बाजारों और महानगरों तक पहुंचाने में अधिक उपयोगी साबित होते हैं, जिससे बागवानों को बेहतर मुनाफा मिलता है।

🟢 सरकारी योजनाओं का मिला साथ, स्थानीय स्तर पर मिला रोजगार

​एमबीए की पढ़ाई कर चुके युवा उद्यमी आनंद ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के तहत 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ उठाकर इस करीब 10 लाख रुपये की मशीन को अपने बगीचे में स्थापित किया है। इसके अलावा, मुद्रा ऋण की मदद से उन्होंने अपने कारोबार में पूंजी की जरूरत को भी पूरा किया। अपनी इस इस पहल से उन्होंने न केवल बागवानी को आधुनिक बनाया है, बल्कि क्षेत्र के 10 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध कराया है।

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