September 3, 2026

मुंबई हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत की सीबीआई जांच के आदेश जारी,,,

मुंबई हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत की सीबीआई जांच के आदेश जारी,,,

मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की संदिग्ध मौत के मामले में एक अहम और कड़ा फैसला सुनाते हुए मुंबई पुलिस को इस मामले की सीबीआई जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस मामले की जांच में अब तक बरती गई लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

🔴छह साल बाद भी एफआईआर दर्ज न होने पर कोर्ट सख्त

अदालत ने अपने 44 पन्नों के फैसले में इस बात पर गहरी आपत्ति जताई कि घटना के छह साल बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की। कोर्ट ने कहा कि जब तक जांच के दौरान किसी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिल जाते, तब तक किसी को भी अपराधी नहीं माना जा सकता, लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि पुलिस बिना ठोस जांच किए ही मामले को रफा-दफा करने का प्रयास करे। अदालत ने माना कि इस मामले में पुलिस और साक्ष्यों की जांच में कई गंभीर कमियां और लापरवाही बरती गई हैं।

🔴 शव की स्थिति और पंचनामा में विसंगतियां

हाईकोर्ट ने दिशा सालियन की मौत के चिकित्सीय और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि जिस प्रकार से 12वीं मंजिल से गिरने के बावजूद मृतका के शरीर की एक भी हड्डी नहीं टूटी, चेहरे पर कोई खरोंच नहीं आई और घटनास्थल पर खून का एक भी निशान नहीं मिला, वह कई आशंकाओं को जन्म देता है। इसके अलावा, पंचनामा देर से किए जाने और दस्तावेजों में विसंगतियों को लेकर भी अदालत ने संबंधित अधिकारियों (जेरीस सारंग कोतवाल व रंजीत सिंह जांगिद भोंसले) की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं।

🔴 पिता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप और आगे की कार्रवाई

गौरतलब है कि दिशा सालियन की 8 जून 2020 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके कुछ दिनों बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का भी निधन हो गया था। दिशा के पिता सतीश सालियन ने बंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया था। साथ ही, उन्होंने एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार (शिवसेना उद्धव गुट के नेता उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे) के एक युवक के शामिल होने का संदेह जताते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई थी।

​बंबई हाईकोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में नए सिरे से जांच का रास्ता साफ हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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