October 4, 2026

“हरिद्वार कुंभ 2027” कनखल में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर उतरे भाजपा पार्षद, कुंभ निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री और बंदरबांट का आरोप, जनता परेशान,,,,

“हरिद्वार कुंभ 2027” कनखल में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर उतरे भाजपा पार्षद, कुंभ निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री और बंदरबांट का आरोप, जनता परेशान,,,,

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हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले के दृष्टिगत चल रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। कनखल क्षेत्र में कुंभ प्रशासन की कार्यशैली से नाराज होकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों ने मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों पर बजट को ठिकाने लगाने के गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों का कहना है कि बार-बार बुलाने और शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी जमीनी हकीकत देखने और जांच करने मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं।

​🔴 जल निकासी और योजना पर सवाल

प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने क्षेत्र की दुर्दशा पर कड़ा रोष जताया। भाजपा पार्षद भूपेंद्र ने कहा कि क्षेत्र में कनखल की सड़कें पहले से बदहाल हैं और उन्हें दुरुस्त करने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां पेडेस्ट्रियन ट्रैक का निर्माण तो किया जा रहा है, लेकिन बारिश के दौरान जल निकासी की क्या व्यवस्था होगी, इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उचित योजना के अभाव में बारिश के दिनों में भारी जलभराव की स्थिति पैदा होगी।

​🔴 निगम के बजट और संसाधनों की बर्बादी का आरोप

भाजपा पार्षद सचिन अग्रवाल एवं शुभम मंदोला ने नगर निगम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वार्डों में विकास कार्य कराने के नाम पर पूरी व्यवस्था को नष्ट किया जा रहा है। कार्य के दौरान न तो संबंधित अभियंता मौके पर मौजूद रहते हैं और न ही ठेकेदार उपस्थित रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ही समय पहले नगर निगम के बजट से खर्च कर जो लोहे की मजबूत रेलिंग लगाई गई थी, उसे भी कुंभ कार्यों के नाम पर हटा दिया गया, जिससे सरकारी धन का भारी दुरुपयोग हुआ है। पार्षदों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कुंभ के नाम पर जनता के पैसों की बंदरबांट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

🔴 ​घंटों जाम और अतिक्रमण से जनता बेहाल

पार्षद प्रशांत सैनी ने कहा कि बदहाल सड़कों के कारण कनखल क्षेत्र में रोजाना घंटों भीषण जाम लग रहा है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। जनता त्रस्त है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी धरातल पर निरीक्षण के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि पेडेस्ट्रियन ट्रैक के नाम पर जो निर्माण हो रहा है, उससे शहर में अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम और जलभराव की विकराल समस्याओं का समाधान कैसे होगा, यह प्रशासन की कार्यप्रणाली में कहीं भी स्पष्ट नहीं है।

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