September 11, 2026

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नितिन नवीन ने वीर सैनिकों को किया नमन, बोले- “सैनिक कभी पूर्व नहीं होता” ​

उत्तराखंड सीएम धामी और नितिन नवीन ने वीर सैनिकों को किया नमन, बोले- “सैनिक कभी पूर्व नहीं होता”

हल्द्वानी (नैनीताल)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हल्द्वानी स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को भावभिन श्रद्धांजलि दी तथा पूर्व सैनिकों व उनके परिजनों को सम्मानित किया।

सैन्य परंपरा और मेजर सोमनाथ के पराक्रम को किया याद

​समारोह को संबोधित करते हुए नेताओं ने उत्तराखंड की समृद्ध सैन्य परंपरा का उल्लेख किया। इस दौरान भारत के प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा (4th कुमाऊं रेजिमेंट) के अदम्य साहस और बलिदान को विशेष रूप से याद किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि की मिट्टी में राष्ट्रभक्ति रची-बसी है और यहां का हर दूसरा परिवार देश की सीमा की रक्षा में अपना योगदान दे रहा है।

बलिदानी परिवारों की अनुग्रह राशि में बड़ा इजाफा

​उत्तराखंड सरकार द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में बलिदानी सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख कर दिया गया है। इसके अलावा, परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों को मिलने वाली सहायता राशि को ₹50 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹2 करोड़ किया गया है। साथ ही, सेवारत व पूर्व सैनिकों को ₹25 लाख तक की अचल संपत्ति की खरीद पर 25 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है।

देहरादून में अंतिम चरण में ‘सैन्य धाम’ का निर्माण

​सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में चार धामों की तर्ज पर देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य ‘सैन्य धाम’ का निर्माण कराया जा रहा है, जो अंतिम चरण में है। इस सैन्य धाम में प्रदेश के सभी बलिदानी सैनिकों के आंगन से लाई गई पवित्र मिट्टी को स्थापित किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देगा।

सैनिकों का अनुशासन और संघर्ष बने शिक्षा का हिस्सा: नितिन नवीन

​भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि देश के युवाओं को सरहद का दर्शन कराने और सैनिकों के जीवन, अनुशासन व संघर्ष को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके त्याग और समर्पण से सीख ले सके।

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