उत्तराखंड हिमालय में 20 हज़ार फीट पर देश का सबसे बड़ा ‘ऑपरेशन एयरलिफ्ट’, यूकाडा ने बर्फबारी में फंसे 67 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला,,,

उत्तरकाशी। गंगोत्री हिमालय की विषम और दुर्गम बर्फीली चोटियों पर देश के पर्वतारोहण इतिहास का सबसे बड़ा और साहसिक हेली रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
“बर्फ के बवंडर और तेज हवाओं के बीच 4 हेलीकॉप्टरों ने रचा इतिहास; 5 फीट बर्फ के बीच गंगोत्री क्षेत्र में जिंदगी बचाने की जंग जारी”
समुद्रतल से लगभग 15 हजार से 20 हजार फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर फंसे 136 पर्वतारोहियों में से अब तक 67 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हाल ही में चले अभियान के तहत 27 और पर्वतारोहियों को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) और उत्तरकाशी जिला प्रशासन के इस साझा मानवीय अभियान ने देश में अधिक ऊंचाई पर बचाव कार्य का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे पूर्व अगस्त माह में भारतीय सेना ने लद्दाख के नुन-कुन चोटी क्षेत्र में 18,500 फीट की ऊंचाई से एक घायल पर्वतारोही का सफल रेस्क्यू किया था, किंतु 20 हजार फीट की ऊंचाई पर इतने बड़े पैमाने पर नागरिकों के लिए यह पहला अभियान साबित हुआ है।
5 फीट बर्फ और बर्फीली हवाओं के बीच चला रेस्क्यू

गढ़वाल पर्वतारोहण व ट्रैकिंग एजेंसी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मनोज रावत के अनुसार, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक मौसम बिगड़ने से लगभग 5 फीट तक भारी बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे ट्रैकिंग रूट पूरी तरह अवरुद्ध हो गए। इस विकट स्थिति में यूकाडा के चार हेलीकॉप्टरों ने अत्यधिक तेज हवाओं और ऑक्सीजन की भारी कमी के बावजूद जोगिन-1, कालिंदी पास, सतोपंथ चोटी, ओडेन पास और वासुकीताल जैसे खतरनाक दर्रों में लगातार उड़ानें भरकर फंसे हुए लोगों को निकाला।
अन्य दलों की स्थिति और आगे की योजना
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फंसे हुए कुल 136 ट्रैकर्स व पर्वतारोहियों में से दो दिनों के सघन अभियान में 67 लोगों को बेस कैंप व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। शेष पर्वतारोहियों में से एक दल ने मौसम के अनुरूप अपना अभियान जारी रखने की इच्छा जताई है, जबकि अन्य चोटियों पर मौजूद पर्वतारोही दल अपनी स्वयं की स्थानीय व्यवस्थाओं और गाइडों की मदद से सुरक्षित वापसी के मार्ग पर हैं।
ट्रैकिंग एजेंसियों ने की सैटेलाइट फोन की मांग
ट्रैकिंग एजेंसी संचालक मुकेश पंवार ने बताया कि इतनी ऊंचाई और विषम भूगोल में इतने वृहद स्तर पर हेली रेस्क्यू अभियान का यह पहला अभूतपूर्व उदाहरण है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और यूकाडा की तत्परता की सराहना करते हुए पर्वतारोहण संघ ने भविष्य में ऐसी आपात स्थितियों से त्वरित निपटने के लिए उच्च हिमालयी अभियानों पर जाने वाले दलों व एजेंसियों को किराए पर सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की है।

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