October 3, 2026

“धर्म – कर्म” इस बार 10 दिनों के होंगे शारदीय नवरात्र, अष्टमी तिथि का दो दिन संयोग, 50 वर्षों में छठी बार बना यह विशेष योग,,,

“धर्म – कर्म” इस बार 10 दिनों के होंगे शारदीय नवरात्र, अष्टमी तिथि का दो दिन संयोग, 50 वर्षों में छठी बार बना यह विशेष योग,,,

​देहरादून। इस वर्ष शारदीय नवरात्र का महापर्व 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है, जिसकी कुल अवधि 9 के बजाय 10 दिनों की होगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, बीते 50 वर्षों में यह दुर्लभ संयोग केवल छठी बार बन रहा है। काशी के ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि जब कोई तिथि क्षय न होकर लगातार दो सूर्योदय तक व्याप्त रहती है, तो वह दो दिनों की उदया तिथि मानी जाती है। इस बार अष्टमी तिथि का विस्तार दो दिन होने के कारण नवरात्र की अवधि एक दिन बढ़ गई है।

​🏵 अष्टमी तिथि का विस्तार और विजयादशमी की तिथि

​काशी के पंचांगीय गणना के अनुसार, महाअष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को पूरे दिन व्याप्त रहेगी तथा 19 अक्टूबर की सुबह 7:53 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस प्रकार उदया तिथि के मान से अष्टमी का पर्व दो दिन मान्य होगा। नवरात्र की अवधि पूर्ण होने के पश्चात 20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) का पावन पर्व मनाया जाएगा।

​🏵 प्रतिपदा तिथि व घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

​बीएचयू (BHU) ज्योतिष विभाग के ज्योतिषाचार्य प्रो. सुभाष पांडेय के अनुसार, शारदीय नवरात्र प्रतिवर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होते हैं। इस बार प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता के आधार पर नवरात्र का प्रथम दिन 11 अक्टूबर को ही माना जाएगा।

​इस दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का संयोग बन रहा है, जिसके कारण देवी आराधना हेतु कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। घटस्थापना का सबसे प्रशस्त समय दोपहर 11:37 बजे से 12:23 बजे तक रहेगा।

​🏵 हाथी पर मां का आगमन, मुर्गे पर होगा प्रस्थान

​रविवार के दिन नवरात्र प्रारंभ होने के कारण जगदंबा मां दुर्गा का आगमन गज (हाथी) पर होगा। वहीं, पर्व के समापन पर मां का प्रस्थान मुर्गे (चरणायुध) पर होगा। इसके अतिरिक्त, 10 दिवसीय व्रत का पारण 20 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे के बाद विधि-विधान से संपन्न किया जाएगा।

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