October 18, 2026

देहरादून में 2500 करोड़ के एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट का विरोध, 300 आशियानों पर लटकी तलवार, सड़कों पर उतरे स्थानीय बाशिंदे,,,,

देहरादून में 2500 करोड़ के एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट का विरोध, 300 आशियानों पर लटकी तलवार, सड़कों पर उतरे स्थानीय बाशिंदे,,,,

​देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में यातायात को सुगम बनाने और बाहरी पर्यटकों की आवाजाही को गति देने के लिए प्रस्तावित आशारोड़ी-मोहकमपुर एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर विवाद गहरा गया है। लगभग 2500 करोड़ रुपये के बजट से बनने वाले इस 13 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के नए अलाइनमेंट से करीब 300 परिवारों के बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। अपने जीवनभर की जमा-पूंजी से बने घरों को बचाने के लिए प्रभावित लोग ‘मोहकमपुर आशारोड़ी एलिवेटेड रोड संघर्ष समिति’ के बैनर तले खुले आसमान के नीचे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

​🔴 डीपीआर में फेरबदल और ‘लाल निशान’ से भड़का आक्रोश

प्रदर्शनकारी नागरिकों का आरोप है कि मूल गजट अधिसूचना के अनुसार सॉलिटेयर होटल से आशारोड़ी तक पुराने हाईवे को ही चौड़ा किया जाना था। आरोप है कि बाद में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में गुपचुप बदलाव कर रोड को घनी आबादी वाली बस्ती की ओर मोड़ दिया गया। लोगों को इस बदलाव की भनक तब लगी जब अचानक उनके मकानों पर प्रशासनिक अमले द्वारा लाल निशान लगाए जाने लगे।

​धरने पर बैठे बुजुर्गों और महिलाओं का कहना है कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर छत बनाई थी। स्थानीय नागरिकों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मिलने वाले सरकारी मुआवजे से दोबारा घर खड़ा कर पाना नामुमकिन है। साथ ही, कई प्रभावित परिवार दिहाड़ी मजदूर वर्ग से आते हैं, जिनके सामने आशियाने के साथ-साथ रोज़ी-रोटी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

​🔴 ट्रैफिक दबाव और अलाइनमेंट पर NHAI का तर्क

परियोजना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी सौरभ सिंह का कहना है कि प्रिंस चौक से जोगीवाला के बीच वाहनों का भारी दबाव है। पुराने हाईवे के दोनों ओर बहुमंजिला इमारतें और सघन बसावट होने के कारण चौड़ीकरण में नुकसान की संभावना अधिक थी। इसी कारण रेलवे लाइन के पास उपलब्ध भूमि के साथ नए अलाइनमेंट का विकल्प चुना गया। यह मार्ग मोहकमपुर बस्ती, कंपनी बाग, जोगीवाला फाटक, फ्रेंड्स कॉलोनी और रिस्पना नदी से होते हुए अजाबपुर फ्लाईओवर से जुड़ेगा।

​🔴 प्रशासन की पहल, 24 अक्टूबर को अहम बैठक

बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया है। विवाद के शांतिपूर्ण समाधान और दोनों पक्षों की बात सुनने के लिए 24 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में NHAI के तकनीकी अधिकारी और संघर्ष समिति के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठकर अलाइनमेंट व मुआवजे के विकल्पों पर चर्चा करेंगे।

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