October 24, 2026

उत्तराखंड, अखिलेश यादव के ‘घुसपैठिया’ वाले बयान पर भड़के सीएम पुष्कर सिंह धामी, कहा-  यह देवभूमि के स्वाभिमान और शहीदों का अपमान,,,

उत्तराखंड, अखिलेश यादव के ‘घुसपैठिया’ वाले बयान पर भड़के सीएम पुष्कर सिंह धामी, कहा-  यह देवभूमि के स्वाभिमान और शहीदों का अपमान,,,

​देहरादून। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तराखंड मूल को लेकर दिए गए ‘घुसपैठिया’ वाले बयान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा पलटवार किया है।

  • सीएम योगी पर टिप्पणी को लेकर सपा प्रमुख पर साधा तीखा निशाना
  • ​रामपुर तिराहा गोलीकांड की याद दिलाते हुए मुलायम सरकार के दौर पर घेरा
  • ​कांग्रेस से पूछा सवाल— क्या गठबंधन सहयोगी के इस बयान से हैं सहमत?

सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के बयान का वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने इसे केवल एक व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं, बल्कि समूचे उत्तराखंड और यहां के जनमानस के स्वाभिमान पर सीधा हमला करार दिया।

​मुख्यमंत्री धामी ने दो टूक शब्दों में कहा कि उत्तराखंड ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘वीरभूमि’ भी है। इस पावन धरा ने देश को महान संत, समर्पित नेतृत्वकर्ता और सीमाओं की रक्षा के लिए जांबाज सैनिक दिए हैं। ऐसे राज्य के नागरिकों को “घुसपैठिया” कहना देवभूमि के त्याग, तपस्या और जनसंघर्ष का घोर अपमान है।

​मुलायम सिंह यादव सरकार के दौर का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि देवभूमि की जनता इतिहास को कभी नहीं भूल सकती। जब उत्तराखंड के लोग अलग राज्य की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, तब अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर निहत्थे आंदोलनकारियों पर बर्बरतापूर्वक गोलियां चलवाई गई थीं। धामी ने तंज कसते हुए कहा, “पिता के शासनकाल में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाई गईं और आज उनका बेटा उत्तराखंडियों को घुसपैठिया कह रहा है।”

​इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सपा की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस पार्टी अखिलेश यादव के इस अपमानजनक बयान का समर्थन करती है? क्या कांग्रेस को देवभूमि के स्वाभिमानी लोगों को “घुसपैठिया” कहा जाना स्वीकार्य है? धामी ने मांग की कि कांग्रेस नेतृत्व को उत्तराखंड की जनता के सामने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

You may have missed

Share