September 12, 2026

उत्तराखंड ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में ढालवाला से नीर गड्डू तक पहली टनल की निकास सुरंग आर-पार, जनवरी तक मुख्य सुरंग भी होगी पूरी,,,

उत्तराखंड ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में ढालवाला से नीर गड्डू तक पहली टनल की निकास सुरंग आर-पार, जनवरी तक मुख्य सुरंग भी होगी पूरी,,,

ऋषिकेश। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की पहली टनल की निकास सुरंग शुक्रवार को आर-पार (ब्रेकथ्रू) कर दी गई है, जबकि मुख्य सुरंग का काम जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। ढालवाला से नीर गड्डू तक बनी यह सुरंग लगभग दस किलोमीटर लंबी है। भूगर्भीय दरार और अत्यधिक संवेदनशील हिस्सा होने के कारण इस पहली सुरंग के निर्माण में इंजीनियरों को खासी सावधानी बरतनी पड़ी और सबसे अधिक समय लगा।

🟢 परियोजना के मुख्य बिंदु और सुरंगों की स्थिति

  • सुरंगों का कार्य: 125 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में कुल 28 सुरंगें हैं, जिनमें से 22 सुरंगों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य सुरंग का अब केवल डेढ़ किलोमीटर का हिस्सा शेष है, जिसे जनवरी तक पूरा करने की तैयारी है।
  • ट्रैक बिछाने का कार्य: इसी साल मई माह से सुरंग के अंदर ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो चुका है। शिवपुरी से गूलर के बीच डेढ़ किलोमीटर का ट्रैक बिछ चुका है, जबकि इस हिस्से में कुल छह किलोमीटर का ट्रैक बिछाया जाना है।
  • संचालन के चरण: कर्णप्रयाग तक ट्रेन को दो चरणों में पहुंचाया जाएगा। पहले चरण में योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ब्यासी (27 किमी) तक जून 2028 तक और दूसरे चरण में ब्यासी से कर्णप्रयाग (92 किमी) तक दिसंबर 2029 तक ट्रेन संचालन का लक्ष्य है।

🟢 ओएचई और विद्युत कार्य

परियोजना के तहत इलेक्ट्रिकल व अन्य तकनीकी कार्य भी दो चरणों में पूरे किए जाएंगे। पहले चरण में ब्यासी तक जनरल पावर सप्लाई, फायर टेंडर और टनलों में वेंटिलेशन का कार्य होगा, जिस पर 434 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही ओवर हेड इक्यूपमेंट (ओएचई) लगाने का काम श्रीनगर और कर्णप्रयाग तक दो चरणों में 100-100 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

🟢 एक नजर में परियोजना के आंकड़े

  • कुल लंबाई: 125 किलोमीटर
  • नए स्टेशन: 12
  • यात्री ट्रेनों की अधिकतम गति: 100 किमी प्रति घंटा
  • मालगाड़ियों की अधिकतम गति: 65 किमी प्रति घंटा
  • पुलों की संख्या: 19
  • मुख्य व निकास सुरंगों की कुल लंबाई: 213 किलोमीटर

​आरवीएनएल के उप महाप्रबंधक सिविल ओपी मालगुड़ी ने बताया कि पहली टनल की निकास सुरंग का काम पूरा हो चुका है और जनवरी तक मुख्य सुरंग का शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

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