October 4, 2026

उत्तराखंड तपोवन के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट सख्त, डीएम टिहरी को 8 सप्ताह में ठोस निर्णय लेने का निर्देश,,,

उत्तराखंड तपोवन के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट सख्त, डीएम टिहरी को 8 सप्ताह में ठोस निर्णय लेने का निर्देश,,,

​नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने टिहरी गढ़वाल स्थित तपोवन के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई की। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को सुरक्षा खामियों का विस्तृत प्रत्यावेदन 10 दिन के भीतर जिलाधिकारी (डीएम) टिहरी गढ़वाल को सौंपने का निर्देश दिया है। साथ ही, डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे इस प्रत्यावेदन पर 8 सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार विचार कर आवश्यक और ठोस निर्णय लें।

​🟢 जलस्तर के अनुसार बैरिकेडिंग और चेतावनी जरूरी: हाईकोर्ट

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि तपोवन क्षेत्र में जल पुलिस, एसडीआरएफ और 40वीं वाहिनी पीएसी की तैनाती लगातार रहती है। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सतर्क किया जाता है और आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य होता है।

​इस पर खंडपीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर जन सुरक्षा से जुड़ा मामला है। सुरक्षा के चाहे कितने भी इंतजाम हों, उन्हें और अधिक सुदृढ़ करने की जरूरत है। अदालत ने रेखांकित किया कि गंगा का जलस्तर लगातार घटता-बढ़ता रहता है, जिससे स्नान करने वालों को पानी की गहराई का सटीक अनुमान नहीं लग पाता। ऐसे में समय और जलस्तर के अनुसार घाटों पर बैरिकेडिंग की जानी चाहिए और स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए ताकि लोग सुरक्षित दायरे में ही स्नान करें।

​🟢 याचिका में उठाए गए थे सुरक्षा के मुद्दे

यह जनहित याचिका हरिद्वार निवासी राज द्वारा दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि तपोवन स्थित साईं घाट, हनुमान घाट, नीम बीच, गौ घाट, पूर्णानंद घाट और स्वामीनारायण घाट समेत अन्य स्थानों पर साल भर बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और पर्यटक स्नान के लिए पहुंचते हैं। नदी की गहराई और तेज बहाव की जानकारी न होने के कारण यहां अक्सर डूबने से गंभीर हादसे होते रहते हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि इन हादसों को रोकने के लिए राज्य सरकार को घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता और स्थायी बंदोबस्त करने के निर्देश दिए जाएं।

Share