September 10, 2026

उत्तराखंड धारचूला में काली नदी पर बने पहले मोटर पुल का स्वागत बोर्ड विवादों में, नेपाल की आपत्ति के बाद भारतीय गांव का नाम ढका,,,

उत्तराखंड धारचूला में काली नदी पर बने पहले मोटर पुल का स्वागत बोर्ड विवादों में, नेपाल की आपत्ति के बाद भारतीय गांव का नाम ढका,,,

​पिथौरागढ़।  धारचूला स्थित छारछुम में काली नदी पर भारत और नेपाल को जोड़ने वाले पहले मोटर पुल के उद्घाटन से पहले ही स्वागत बोर्ड को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। पुल पर लगाए गए स्वागत बोर्ड में नेपाल की तरफ भी भारतीय गांव छारछुम का नाम अंकित किए जाने पर नेपाली नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई है।

​दोनों देशों के बीच आवाजाही शुरू करने की तैयारियों के तहत लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा पुल के दोनों सिरों पर स्वागत बोर्ड लगाए गए थे। नेपाल की सीमा की ओर लगाए गए बोर्ड पर भी भारतीय क्षेत्र के छारछुम गांव का नाम होने पर स्थानीय नागरिकों ने विरोध जताया और नेपाल की ओर के बोर्ड पर स्थानीय नेपाली गांव ‘असिगाड़’ का नाम लिखे जाने की मांग की।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की आपत्ति और प्रशासनिक कार्रवाई

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी दार्चुला के जिला अध्यक्ष राजेश सिंह सामंत ने नेपाल की ओर भारतीय गांव का नाम लिखे जाने को अनुचित बताते हुए दार्चुला के सीडीओ कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। कुछ लोगों द्वारा इस मामले को लिपुलेख और कालापानी विवाद से जोड़े जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में किसी तरह की खटास से बचने के लिए भारतीय प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए नेपाल की तरफ लगे बोर्ड पर छारछुम का नाम ढक दिया गया है। धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि स्थिति का संज्ञान लेते हुए नेपाल की तरफ स्थित बोर्ड से भारतीय गांव का नाम ढक दिया गया है और जल्द ही वहां नेपाल के गांव असिगाड़ का नाम अंकित कर नया बोर्ड लगाया जाएगा। दार्चुला, नेपाल के सीडीओ वर्त राज पौडेल ने भी स्थानीय निवासियों की शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों पक्षों की सहमति से इस मामले का जल्द ही स्थायी समाधान निकाल लिया जाएगा।

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