उत्तराखंड परिवहन निगम में टिकट मशीन से छेड़छाड़ का खुलासा, रोजाना हजारों रुपये की हेराफेरी का आरोप,,,,

काशीपुर। उत्तराखंड परिवहन निगम की टिकट प्रणाली में बड़े स्तर पर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ परिचालकों ने इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ईटीएम) में दर्ज समय से छेड़छाड़ कर प्रतिदिन लगभग पांच से छह हजार रुपये तक की हेराफेरी की। यह गतिविधि करीब एक माह तक लगातार चलती रही।
जांच में पाया गया कि रामनगर से दिल्ली तक की 277 किलोमीटर लंबी यात्रा, जिसे सामान्यतः साढ़े छह घंटे से अधिक समय लगता है, रिकॉर्ड में मात्र चार से साढ़े चार घंटे में पूरी दर्शाई गई। एक मामले में सुबह 10 बजे रवाना हुई बस को चार घंटे में दिल्ली पहुंचा हुआ दर्ज किया गया, जो वास्तविक यात्रा समय से मेल नहीं खाता।
यात्री की शिकायत से खुला मामला
इस प्रकरण की शुरुआत एक यात्री द्वारा परिचालक के व्यवहार को लेकर मुख्यालय में की गई शिकायत से हुई। शिकायत के आधार पर निगम मुख्यालय ने पांच सदस्यीय जांच दल रामनगर डिपो भेजा। टीम में टिकट मशीन कंपनी का प्रतिनिधि और ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) भी शामिल थे।
जांच के दौरान परिचालक मनीष कुमार, राजेश शर्मा, शीशपाल और हिमांशु से पूछताछ की गई तथा उनके वे-बिल का गहन परीक्षण किया गया। दो दिन की जांच प्रक्रिया के बाद टीम देहरादून लौट गई।
तकनीकी खामियों का किया गया दुरुपयोग
जांच में सामने आया कि संबंधित परिचालक मशीन की तकनीकी खामियों का लाभ उठाकर टिकट जारी करने के समय में मैनुअल बदलाव कर रहे थे। अधिकांश बसों के रिकॉर्ड में टिकट जारी होने का समय सुबह से शाम तक दर्शाया गया, जबकि इन चार परिचालकों के वे-बिल में टिकट केवल दोपहर के बाद जारी होना दिखाया गया, जबकि बसें सुबह आठ से दस बजे के बीच रवाना होती हैं।
मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज
मुख्यालय स्तर पर चारों परिचालकों के वे-बिल की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर उनके रूट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
रामनगर डिपो के सहायक महाप्रबंधक नवीन आर्य ने पुष्टि की कि चार परिचालकों के खिलाफ जांच प्रक्रिया जारी है। वहीं, डीजीएम (आईटी) भूपेश कुशवाह ने बताया कि मामला टिकट मशीन से संबंधित है और सभी तथ्यों का संकलन किया जा रहा है।
महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने कहा कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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