उत्तराखंड परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया UTC मुख्यालय का निरीक्षण, यात्री सुविधाओं और आधुनिकरण पर दिया जोर,,

देहरादून: प्रदेश के माननीय परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने आज कुल्हान, सहस्त्रधारा स्थित उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) के मुख्यालय का औपचारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने निगम की वर्तमान कार्यप्रणाली का जायजा लिया और भविष्य की योजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु
बैठक के दौरान मंत्री ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए:
- बुनियादी ढांचे का विकास: निर्माणाधीन बस अड्डों की परियोजनाओं की समीक्षा की गई और नए प्रस्तावों के त्वरित अनुश्रवण के निर्देश दिए गए।
- सेवा की गुणवत्ता: बसों के संचालन में समयबद्धता और दक्षता में सुधार लाने पर विशेष बल दिया गया।
- तकनीकी एवं पर्यावरण: यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग और इलेक्ट्रिक एवं पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बेड़े में शामिल करने को प्राथमिकता देने की बात कही।
- कनेक्टिविटी: ग्रामीण और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के निर्देश दिए।
- कर्मचारी कल्याण: कर्मचारियों के प्रशिक्षण और उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए योजना बनाने पर चर्चा हुई।

यात्री संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता”
मंत्री प्रदीप बत्रा ने स्पष्ट किया कि निगम का मुख्य ध्येय ‘यात्री संतुष्टि’ होना चाहिए। उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा:
”परिवहन निगम राज्य की आर्थिक और सामाजिक गतिशीलता की रीढ़ है। इसे आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार हर संभव ठोस कदम उठाएगी।”
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
दौरे के अंत में मंत्री ने निगम के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक (MD) रीना जोशी, वित्त नियंत्रक आनंद सिंह, महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह, महाप्रबंधक (कार्मिक) पवन मेहरा समेत निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

More Stories
उत्तराखंड प्रकृति का अद्भुत चक्र, ओम पर्वत पर फिर लौटी पवित्र ‘ओम’ की आकृति, यात्रियों में उल्लास,,,,
उत्तराखंड में ग्रामीण विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी का बड़ा प्रशासनिक फैसला, एबीडीओ को मिला प्रमोशन और विकासखंडों को मिले बीडीओ,,,
उत्तराखंड धारचूला में काली नदी पर बने पहले मोटर पुल का स्वागत बोर्ड विवादों में, नेपाल की आपत्ति के बाद भारतीय गांव का नाम ढका,,,