उत्तराखंड में यात्रियों के लिए जरूरी खबर, रजिस्ट्रेशन के साथ देना होगा रहने और खाने की व्यवस्था का ब्योरा,,,

देहरादून: साल 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। पिछले साल की बात करें तो चारों धामों में 47 लाख से ज्यादा यात्री पहुंचे थे। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को भीड़ नियंत्रण में मशक्कत करनी पड़ी थी।
बार चारधाम यात्रा में जाने के लिए रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ एक स्वप्रमाणीकरण पत्र (डिक्लरेशन फॉर्म) भी देना होगा। इस पत्र में वाहन में सवार यात्रियों के रहने और खाने की व्यवस्थाओं का ब्योरा शामिल होगा। यह फॉर्म जमा न करने पर वाहनों को ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे चेकपोस्ट पर रुकवा देंगे, जिसके बाद उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। यह व्यवस्था यातायात निदेशालय की ओर से की जा रही है।
साल 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। पिछले साल की बात करें तो चारों धामों में 47 लाख से ज्यादा यात्री पहुंचे थे। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को भीड़ नियंत्रण में मशक्कत करनी पड़ी थी। पिछले साल रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया था। लेकिन, इस बार प्रशासन डिक्लरेशन फॉर्म को भी अनिवार्य करने जा रहा है
चारधाम नोडल अफसर एसपी लोकजीत सिंह ने बताया कि इस फॉर्म में यात्रा में जाने वाले लोगों के रहने खाने आदि की व्यवस्था की पूरी जानकारी दर्ज होगी। इसे वाहन के नंबर के साथ ही जोड़ा जाएगा। फिर चाहे वह वाहन प्राइवेट हो या फिर कमर्शियल।
उन्होंने बताया कि इस बार 30 एएनपीआर कैमरे यात्रा मार्ग पर लगाए जा रहे हैं। इनकी निगरानी देहरादून कंट्रोल रूम से की जाएगी। ये कैमरे एआई आधारित होंगे। जिन वाहनों के पास यह फॉर्म नहीं होगा उनकी जानकारी इन कैमरों के माध्यम से हासिल हो जाएगी। इसके बाद वाहनों को अगले चेकपोस्ट पर रोककर वापस भेज दिया जाएगा।

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