August 23, 2026

चीनी के दामों ने देश में मचाया कोहराम, एक हफ्ते में भाव 44 से पहुंचा 65-70 रुपये किलो, त्यौहारों के सीजन में मिडिल क्लास/निम्न आय वर्ग के लोगों का बिगड़ा बजट,,,,,

चीनी के दामों ने देश में मचाया कोहराम, एक हफ्ते में भाव 44 से पहुंचा 65-70 रुपये किलो, त्यौहारों के सीजन में मिडिल क्लास/निम्न आय वर्ग के लोगों का बिगड़ा बजट,,,,,

देहरादून। देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब स्थानीय बाजारों पर भी साफ दिखने लगा है। क्षेत्र में चीनी का खुदरा भाव बढ़कर 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है, जबकि कुछ दुकानों पर व्यापारी ग्राहकों से 70 रुपये प्रति किलो तक वसूल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि महज एक सप्ताह पहले तक चीनी के दाम 44 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहे थे, लेकिन पिछले एक हफ्ते में ही कीमतों में 21 से 26 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

व्यापारी दिनेश गुप्ता और गफ्फार अली ने जानकारी दी कि सोमवार तक चीनी का थोक भाव करीब 5700 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा था, जिसमें अचानक तेजी आने के बाद यह 6100 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा है। थोक कीमत में प्रति क्विंटल 400 रुपये की इस अचानक वृद्धि का सीधा और गहरा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि थोक बाजार में तेजी का यह रुख आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों को और अधिक प्रभावित कर सकता है।

चीनी के महंगे होने से केवल आम घरों का रसोई बजट ही गड़बड़ाया है, बल्कि बेकरी कारोबार, मिठाई विक्रेताओं और चाय-नाश्ते की दुकानों पर भी उत्पादन लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इस मूल्य वृद्धि के कारण ग्राहकों को पुराने दामों के मुकाबले काफी अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। खासकर आगामी त्योहारों और लगन के सीजन से ठीक पहले खाद्य वस्तुओं के दामों में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी ने मिडिल क्लास और निम्न आय वर्ग के लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर चीनी के उत्पादन तथा सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) के प्रभावित होने के कारण बाजार में यह तेजी देखने को मिल रही है।

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