August 16, 2026

उत्तराखंड आज़ादी के जश्न के साथ 78 साल से कायम है नैनीताल का फुटबॉल जुनून प्रतियोगिता सांस्कृतिक और विरासत का प्रतीक, नन्हे कदमों के बड़े सपने,,,,

उत्तराखंड आज़ादी के जश्न के साथ 78 साल से कायम है नैनीताल का फुटबॉल जुनून प्रतियोगिता सांस्कृतिक और विरासत का प्रतीक, नन्हे कदमों के बड़े सपने,,,,

नैनीताल: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरोवर नगरी नैनीताल में एक अद्भुत और ऐतिहासिक परंपरा आज भी पूरी शान से निभाई जा रही है। पिछले 78 वर्षों से तिरंगे की छांव में आयोजित होने वाला यह विशेष जूनियर फुटबॉल टूर्नामेंट नैनीताल के खेल जुनून और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन चुका है।

​इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत इसका विशेष नियम है—इसमें 4 फीट 9 इंच से कम हाइट (ऊंचाई) के नन्हे खिलाड़ी मैदान में उतरते हैं। पैरों में फुटबॉल और आंखों में बड़े सपने लिए जब ये बच्चे मैदान पर उतरते हैं, तो यह मुकाबला सिर्फ एक खेल न रहकर अपनी प्रतिभा को साबित करने का बड़ा मंच बन जाता है। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 में इस प्रतियोगिता का आयोजन नहीं हो सका था, लेकिन इसके बाद यह पूरी ऊर्जा के साथ वापस लौटा।

​यह टूर्नामेंट कई दशकों से पीढ़ियों को आपस में जोड़ने का काम कर रहा है। कभी इस मैदान पर खिलाड़ी के रूप में खेलने वाले बच्चे आज अपनी नई पीढ़ी को इसी आयोजन में हिस्सा लेते देख रहे हैं।

​हर साल 15 अगस्त को आयोजित होने वाला इसका फाइनल मुकाबला नैनीताल में देशभक्ति के उल्लास और फुटबॉल के रोमांच का एक अनूठा संगम पेश करता है। यह 78 साल पुरानी परंपरा केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि खेल के प्रति समर्पण और एक साझी विरासत की जीवंत मिसाल है।

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