September 15, 2026

उत्तराखंड ईडी की कार्रवाई के बाद सुर्खियों में आए चंदन सिंह जीना, हरीश रावत के साथ 40 साल के लंबे सफर और राजनीतिक प्रोफाइल पर एक नजर,,,

उत्तराखंड ईडी की कार्रवाई के बाद सुर्खियों में आए चंदन सिंह जीना, हरीश रावत के साथ 40 साल के लंबे सफर और राजनीतिक प्रोफाइल पर एक नजर,,,

देहरादून: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना का नाम सामने आने के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। लगभग चार दशकों से अधिक समय से राजनीति और प्रशासन में सक्रिय रहे जीना, हरीश रावत के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं।

🟢 चार दशकों का लंबा राजनीतिक और प्रशासनिक सफर

चंदन सिंह जीना का हरीश रावत के साथ जुड़ाव करीब 40 साल पुराना है। इस लंबी अवधि के दौरान उन्होंने दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और फिर उत्तराखंड तक विभिन्न राजनीतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाया है। हरीश रावत के विभिन्न राजनीतिक दौर और उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान भी जीना ने उनके साथ एक भरोसेमंद सहयोगी और ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) के रूप में कार्य किया। दिल्ली की केंद्रीय राजनीति से लेकर क्षेत्रीय गतिविधियों तक, वह पर्दे के पीछे रहकर प्रशासनिक और राजनीतिक तालमेल बिठाने वाले अहम चेहरों में शामिल रहे हैं।

🟢 तपोवन में आवास और पारिवारिक पृष्ठभूमि

ईडी के इस नए प्रकरण के सामने आने के बाद से चंदन सिंह जीना की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और संपत्तियों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनका मुख्य आवास देहरादून के पॉश तपोवन क्षेत्र के विष्णु विहार इलाके में स्थित है। इसके अलावा, पारिवारिक मोर्चे पर उनकी बेटी वर्तमान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है।

🟢 राजनीतिक हलकों में क्यों अहम है यह प्रकरण

हरीश रावत जैसे कद्दावर और वरिष्ठ नेता के साथ चार दशक लंबा प्रशासनिक और राजनीतिक जुड़ाव होने के कारण, इस मामले में चंदन सिंह जीना का नाम आना राज्य की राजनीति में खासी अहमियत रखता है। वीपीडीओ घोटाले के संदर्भ में ईडी द्वारा उनके नकद खर्चों और राजनीतिक उपयोग पर पैनी नजर रखी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक गरमाने के आसार हैं।

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