उत्तराखंड के उत्तरकाशी में 8.07 मिनट पर महसूस किए गए 4.2 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग,,,,

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के सीमांत जिले उत्तरकाशी में रात्रि लगभग 8:07 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती डोलने से स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षा के मद्देनजर अपने घरों से बाहर खुले मैदानों व सड़कों की ओर भाग खड़े हुए।
झटके महसूस होते ही आवासीय बस्तियों और बाजारों में हड़कंप का माहौल देखा गया। कई इलाकों में लोग काफी देर तक खुले आसमान के नीचे रहे और एक-दूसरे का हालचाल लेते नजर आए। ऊंचाई वाले और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कंपन की सूचना मिली है।
प्रशासनिक सतर्कता और नुकसान का आकलन

भूकंप के तुरंत बाद जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने तहसील मुख्यालयों, पुलिस थानों और सीमावर्ती चौकियों से संपर्क साधकर स्थिति की जानकारी ली। प्राथमिक सूचनाओं के अनुसार, किसी जान-माल के बड़े नुकसान या इमारतों में दरार आने की तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र
उत्तरकाशी और समूचा गढ़वाल हिमालय भूकंपीय दृष्टि से ‘जोन-5’ और ‘जोन-4’ की अति-संवेदनशील श्रेणी में आता है। भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के आपसी दबाव के कारण इस पूरे हिमालयी क्षेत्र में लगातार भूगर्भीय हलचलें होती रहती हैं। वर्ष 1991 में आए विनाशकारी भूकंप की स्मृति के चलते यहां के लोग हल्के झटकों के बाद भी काफी सतर्कता बरतते हैं।
सुरक्षा व एहतियाती निर्देश
आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और सतर्क रहें। भूकंप के बाद ‘आफ्टरशॉक्स’ (हल्के झटके) की संभावना को देखते हुए जर्जर भवनों से दूर रहने और आपातकालीन किट तैयार रखने की सलाह दी गई है।

More Stories
उत्तराखंड टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर कूलागाड़ के पास भारी भूस्खलन, बोल्डर और मलबे से चीन सीमा का संपर्क कटा, आदि कैलास यात्री बीच रास्ते में फंसे,,,
उत्तराखंड निर्विरोध निर्वाचन के बाद नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने सीएम से की शिष्टाचार भेंट, 12 साल बाद कुमाऊं को मिला उच्च सदन में नया प्रतिनिधित्व,,,
उत्तराखंड निर्विरोध निर्वाचन के बाद नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने की सीएम से की शिष्टाचार भेंट, 12 साल बाद कुमाऊं को मिला उच्च सदन में नया प्रतिनिधित्व,,,