उत्तराखंड चमोली जिले में पिछले तीन साल में बढ़ी हैं भूधंसाव की घटनाएं कर्णप्रयाग, ज्योतिर्मठ के बाद अब नंदानगर में आफत,,,,

चमोली: चमोली जनपद में भूधंसाव की घटनाएं थम नहीं रही है। ज्योतिर्मठ की तरह ही नंदानगर में भी जमीन से पानी का रिसाव हो रहा है। यहां कई घरों से पानी निकलने के बाद लोगों ने मकान छोड़ दिए हैं।
चमोली जनपद में पिछले तीन साल में भूधंसाव की घटनाएं बढ़ी हैं। सबसे पहले कर्णप्रयाग के बहुगुणा नगर में भूधंसाव की घटना सामने आई। यह क्षेत्र घाटी में होने के बावजूद भूधंसाव हो रहा है। उसके बाद ज्योतिर्मठ के भूधंसाव ने सबको विचलित कर दिया था। यहां सैकड़ों मकान और होटल भूधंसाव की जद में आ गए थे।
अब नंदानगर के भूधंसाव ने फिर से लोगों को चिंता में डाल दिया है। ज्योतिर्मठ की तरह ही नंदानगर में भी जमीन से पानी का रिसाव हो रहा है। यहां कई घरों से पानी निकलने के बाद लोगों ने मकान छोड़ दिए हैं। भूधंसाव भी लगातार बढ़ रहा है। चमोली जनपद आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है। यहां बादल फटना, भूस्खलन, भूधंसाव, अतिवृष्टि की आपदाएं चमोलीवासी कई वर्षों से झेल रहे हैं।
पिछले तीन वर्षों में भूधंसाव जैसी आपदा का नया पैटर्न देखने को मिल रहा है। नंदानगर के व्यापार संघ अध्यक्ष नंदन सिंह और कथावाचक शंभू प्रसाद पांडे का कहना है कि भूधंसाव का व्यापार रुप से वैज्ञानिक सर्वे होना चाहिए। नंदानगर क्षेत्र आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। यहां का वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद यहां की बसावट के लिए योजना तैयार होनी चाहिए।
नंदानगर में हो रहे भूधंसाव से प्रवासी लोग भी चिंतित हैं। वे लगातार अपने परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों को फोन कर वहां की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। जो लोग नंदानगर में हैं, वे भी प्रभावित क्षेत्र को देखकर चिंतित हैं। रविवार को बैंड बाजार के अलावा संपूर्ण नंदानगर बाजार बंद रहा। नगर के व्यापारियों ने भी प्रभावितों की दुकानों को खाली करवाने में मदद की।

More Stories
उत्तराखंड स्वस्थ देवभूमि की ओर बड़ा कदम: उत्तराखंड में गुटखा और निकोटीन उत्पादों के उत्पादन, स्टॉक व बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध। देखिए स्पेशल रिपोर्ट (वीडियो)
उत्तराखंड विकास कार्यों को रफ्तार देने में जुटे सीएम धामी, 1 नवंबर तक अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे करने की सख्त डेडलाइन, सीएम हेल्पलाइन 1905 को प्रभावी बनाने के निर्देश,,,
उत्तराखंड सर्दियों की दस्तक पर देहरादून जू में वन्यजीवों के डाइट चार्ट में किया बदलाव और हीटर और हीटिंग बल्ब से मिलेगी जानवरों को गर्माहट,,,