May 12, 2026

उत्तराखंड देहरादून जनता दरबार में 201 शिकायतों का लगा अंबार, बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज,,,,,

उत्तराखंड देहरादून जनता दरबार में 201 शिकायतों का लगा अंबार, बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज,,,,,

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दरबार जनसमस्याओं का केंद्र बना रहा। संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 201 शिकायतें दर्ज की गईं। प्रशासन ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि जटिल प्रकरणों को समयबद्ध और विधिसम्मत कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

​पारिवारिक प्रताड़ना और बुजुर्गों की सुरक्षा पर सख्त रुख

​जनसुनवाई में बुजुर्गों के प्रति हो रहे उत्पीड़न के मामले प्रमुखता से उभरे। कैंसर पीड़ित 80 वर्षीय किस्मत सिंह और बीमार बुजुर्ग घनश्याम भंडारी ने अपने ही परिजनों पर संपत्ति कब्जाने और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को तत्काल कानूनी सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। वहीं, विधवा मुन्नी देवी के मामले में एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज करने को कहा गया।

​जनसुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर त्वरित निर्देश

​प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया:

  • हाईटेंशन लाइन का खतरा: राजकीय प्राथमिक विद्यालय किद्दूवाला के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों और ग्राम खाला में झुके हुए खंभों को लेकर UPCL को तत्काल समाधान के आदेश दिए गए।
  • जलभराव व भू-कटाव: मोहकमपुर और भोगपुर में सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु सिंचाई विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
  • अतिक्रमण: ग्राम सोरना, रुद्रपुर और माजरी में सार्वजनिक भूमि व नहरों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने हेतु एसडीएम को जांच सौंपी गई।

​बिजली, पानी और गैस आपूर्ति में अनियमितता

​प्रेमनगर में कनेक्शन ट्रांसफर के बावजूद आए 38 हजार रुपये के पानी के बिल और रायपुर में दूषित पेयजल की आपूर्ति पर जल संस्थान से जवाब मांगा गया है। इसके अतिरिक्त, झाझरा स्थित अनिकेत गैस एजेंसी में वितरण संबंधी शिकायतों की जांच पूर्ति अधिकारी को सौंपी गई है।

​आर्थिक सहायता और शिक्षा के लिए गुहार

​जनता दरबार में कई परिवारों ने बच्चों की स्कूल फीस माफी, पुत्री विवाह और मकान मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को इन आवेदनों की पात्रता जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

​लापरवाह अधिकारियों पर गाज

​जनसुनवाई की महत्ता को देखते हुए प्रशासन ने अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। नगर निगम, पशुपालन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों के गैर-हाजिर रहने पर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

उपस्थिति: जनसुनवाई के दौरान जिला विकास अधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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