July 20, 2026

उत्तराखंड पहाड़ों की रानी’ मसूरी देखकर उसकी सुंदरता की मुरीद हुईं अभिनेत्री संगीता बिजलानी, कहा बादलों के ऊपर तैरने जैसा था यहां का सफ़र,,,

उत्तराखंड पहाड़ों की रानी’ मसूरी देखकर उसकी सुंदरता की मुरीद हुईं अभिनेत्री संगीता बिजलानी, कहा बादलों के ऊपर तैरने जैसा था यहां का सफ़र,,,

देहरादून/मसूरी। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री संगीता बिजलानी अपनी पहली मसूरी यात्रा के दौरान यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और बादलों से घिरी वादियों की कायल हो गईं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने देहरादून से मसूरी तक के सफर को अपने जीवन की सबसे खूबसूरत यात्राओं में से एक बताया। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि पहाड़ों की चढ़ाई के दौरान ऐसा महसूस हो रहा था मानो वह बादलों के ऊपर तैरते हुए ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी पहुँच रही हों।

🟢 मन को सुकून देने वाला है मसूरी का वातावरण

​संगीता बिजलानी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में देश-विदेश के कई खूबसूरत स्थान देखे हैं, लेकिन मसूरी का सौंदर्य बेहद खास है। यहाँ का मौसम, पहाड़, चारों तरफ फैली हरियाली और शांत वातावरण मन को असीम सुकून देने वाला है। पहली बार मसूरी आने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह जादुई अनुभव हमेशा उनकी सुनहरी यादों में जीवंत रहेगा।

🟢 पर्यावरण संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी

​सिने अभिनेत्री ने मनोरंजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक गंभीर संदेश भी दिया। मसूरी की खूबसूरती को एक अनमोल धरोहर बताते हुए उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा:

​”प्रकृति ने मसूरी को अनोखा सौंदर्य दिया है, लेकिन इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो ही हमारा जीवन भी सुरक्षित रहेगा। पर्यटन स्थलों की पहचान उनकी प्राकृतिक सुंदरता से होती है, इसलिए स्थानीय लोगों, पर्यटकों और प्रशासन को मिलकर स्वच्छता और पर्यावरण के लिए कार्य करना चाहिए।”

 

​उन्होंने पहाड़ों में बढ़ते प्रदूषण और अनियोजित विकास पर चिंता जताते हुए सभी से इस विषय में संवेदनशील होने की अपील की।

🟢 फिल्मों में वापसी पर बोलीं- “जिंदगी में सरप्राइज बने रहने चाहिए”

​जब पत्रकारों ने उनसे फिल्मों में वापसी को लेकर सवाल किया, तो अभिनेत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि फिलहाल उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है। उन्होंने एक दार्शनिक अंदाज में कहा कि जिंदगी में कुछ बातें हमेशा ‘सरप्राइज’ और रहस्य बनी रहनी चाहिए। यदि सब कुछ पहले से तय और ज्ञात हो जाए, तो जीवन का रोमांच ही समाप्त हो जाता है।

🟢 वार्ता के मुख्य बिंदु

  • सफर का अनुभव: देहरादून से मसूरी की यात्रा को बादलों के ऊपर तैरने जैसा अहसास बताया।
  • अपील: बढ़ती गंदगी और अनियोजित विकास को रोकने के लिए प्रशासन व जनता से मिलकर काम करने का आग्रह किया।
  • करियर: फिल्मों में वापसी की योजना से इनकार किया, जीवन में रोमांच बनाए रखने की वकालत की।
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