October 9, 2026

“दवा घोटाला” अब महंगे गिफ्ट और विदेशी यात्रा टिकट देकर डॉक्टरों से महंगी दवा नहीं लिखवा सकेंगी फार्मा कंपनियां, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को सख्त निर्देश,,,

“दवा घोटाला” अब महंगे गिफ्ट और विदेशी यात्रा टिकट देकर डॉक्टरों से महंगी दवा नहीं लिखवा सकेंगी फार्मा कंपनियां, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को सख्त निर्देश,,,

​

​नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दवा कंपनियों द्वारा अपनी ब्रांडेड दवाएं लिखवाने के लिए डॉक्टरों को महंगे उपहार (गिफ्ट), विदेश यात्राएं और अन्य मुफ्त सुविधाएं (फ्रीबीज) देने के अनैतिक चलन पर कड़ा रुख अपनाया है।

“अनैतिक मार्केटिंग और फ्रीबीज पर नकेल कसने के लिए बनेगी विशेष कमेटी; कानूनी मसौदा तैयार कर तय होगी दवा कंपनियों की जवाबदेही”

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार को इस संबंध में तत्काल एक विशेष कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।

​🔴 अनैतिक मार्केटिंग पर रोक के लिए बनेगी कानूनी रूपरेखा

शीर्ष अदालत द्वारा निर्देशित यह कमेटी दवा कंपनियों की अनैतिक मार्केटिंग पद्धतियों को रोकने और उन्हें कड़े कानूनी नियमों के दायरे में लाने के लिए सुझाव एवं सिफारिशें तैयार करेगी। यह कमेटी आम जनता, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं से आपत्तियां व सुझाव लेकर एक कानूनी ड्राफ्ट तैयार करेगी, जिससे फार्मा कंपनियों की सीधी जवाबदेही तय की जा सके।

​🔴 कंपनियों के लिए कड़े नियमों का अभाव

वर्तमान व्यवस्था में मेडिकल काउंसिल के नियमों के तहत डॉक्टरों पर उपहार लेने पर प्रतिबंध है और नियम उल्लंघन पर उनका लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। हालांकि, डॉक्टरों को लालच व उपहार देने वाली फार्मा कंपनियों को दंडित करने के लिए अब तक कोई सख्त कानूनी ढांचा मौजूद नहीं था। इसी कमी को दूर करने के लिए न्यायालय ने केंद्र को समिति गठित करने का आदेश दिया है।

​🔴 दवाओं की कीमतों में भारी अंतर का मामला भी विचाराधीन

यह निर्देश ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट दवाओं की कीमतों और उनकी किफायती उपलब्धता से जुड़ी एक अन्य याचिका पर भी विचार कर रहा है। इस मामले में कैंसर की एक दवा के खुदरा मूल्य और एमआरपी के बीच लगभग 10 गुना अंतर होने की बात सामने आई है। इस संदर्भ में फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FMRAI) द्वारा एक जनहित याचिका भी दायर की गई है।

Share