हवा में अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा था, पर दूसरों को मरने नहीं दे सकता था’, घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने पीएम मोदी से साझा किया दर्दनाक मंजर,,,,

नई दिल्ली: फ्लाईदुबई एयरलाइन के कैप्टन स्मित मच्छर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के दौरान उस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम का ब्योरा साझा किया, जब हवा में उड़ान के दौरान सह-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने यह ठान लिया था कि वे विमान में सवार यात्रियों को किसी भी कीमत पर मरने नहीं दे सकते।
अबू धाबी के अस्पताल में उपचाराधीन कैप्टन स्मित मच्छर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 10 मिनट (9:52 मिनट) तक फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौसला बढ़ाया।
कॉकपिट के फर्श पर लहूलुहान होकर भी जपते रहे हनुमान चालीसा

कैप्टन स्मित मच्छर ने प्रधानमंत्री को बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में वे हमेशा हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। घटना वाले दिन भी जब सह-पायलट के हमले के बाद वे गंभीर रूप से घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर पड़े, तब भी वे लगातार हनुमान चालीसा का जाप कर रहे थे।
उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “मैं 17 वर्षों से विमान उड़ा रहा हूं और पिछले 11 वर्षों से बतौर कैप्टन कार्यरत हूं। आंख बंद करके भी मुझे आभास हो जाता है कि विमान किस स्थिति में है। फर्श पर घायल अवस्था में अपनी जिंदगी की जंग लड़ते हुए भी मुझे यह भली-भांति ज्ञात था कि यात्रियों की जान बचाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जैसे ही मुझे महसूस हुआ कि विमान अनियंत्रित होकर नीचे की ओर जा रहा है, मैंने अपनी बची हुई पूरी ताकत झोंक दी और रेंगते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने अंदर आकर स्थिति को संभाला।“
पीएम से बातचीत में भावुक हुए कैप्टन, कहा- ‘आप मेरे आदर्श हैं’
मुंबई में जन्मे कैप्टन स्मित मच्छर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद करते समय भावुक हो गए और उनका गला रुंध गया। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, “आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं; मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे आपसे सीधे बात करने का सौभाग्य मिलेगा।“ उपचार के संबंध में प्रधानमंत्री द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अस्पताल में बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं और वे शीघ्र ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।
‘भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले हैं’: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायलट के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए भी अपनी परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना 140 करोड़ भारतीयों के लिए गौरव का विषय है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने वाले लोग हैं।“ इस दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन की माता गीता बेन का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने भगवद् गीता के जो संस्कार दिए हैं, कैप्टन के आचरण में वही परिलक्षित हुए हैं।

More Stories
उत्तराखंड हरिद्वार सड़कों की बदहाली पर भड़के संत, भूपतवाला में लीपापोती का आरोप, कुंभ के भव्य आयोजन की तैयारियों पर उठाए सवाल,,,
“धर्म – कर्म” इस बार 10 दिनों के होंगे शारदीय नवरात्र, अष्टमी तिथि का दो दिन संयोग, 50 वर्षों में छठी बार बना यह विशेष योग,,,
“धर्म – कर्म” शारदीय नवरात्र इस बार 10 दिनों का, अष्टमी तिथि का दो दिन संयोग, 50 वर्षों में छठी बार बना यह विशेष योग,,,