June 4, 2026

NEET UG पेपर लीक से आहत छात्रा ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा, “सॉरी मम्मी-पापा, दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं”,,,, ​

NEET UG पेपर लीक से आहत छात्रा ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा, “सॉरी मम्मी-पापा, दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं”,,,,

भोपाल / मऊगंज: मध्य प्रदेश के नवगठित जिले मऊगंज के मगनिया गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) की तैयारी कर रही एक 21 वर्षीय छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, हाल ही में हुई परीक्षा में आकांक्षा को 650 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द होने के बाद से वह गहरे डिप्रेशन (अवसाद) में थीं।

🔴 पिता ने कुक की नौकरी कर जुटाए थे पैसे

​आकांक्षा का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनकी पढ़ाई के लिए पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए 3 लाख रुपये का लोन लिया था। आर्थिक तंगी के बावजूद बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए पिता नागपुर चले गए थे, जहां उन्होंने एक निजी कोचिंग में आकांक्षा का दाखिला कराया और खुद खर्च चलाने के लिए वहां कुक की नौकरी करने लगे। परीक्षा के बाद पूरे परिवार को उम्मीद थी कि आकांक्षा का चयन हो जाएगा, लेकिन पेपर लीक की खबरों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

🔴 भावुक सुसाइड नोट: “दोबारा परीक्षा की गारंटी नहीं”

​घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने इस त्रासदी को और अधिक गंभीर बना दिया है। आकांक्षा ने अपने आखिरी संदेश में लिखा:

“सॉरी, मम्मी-पापा… आपको भरोसा था कि आपकी बेटी पढ़कर डॉक्टर बनेगी, पर दोबारा नीट का पेपर देने की अब मुझमें हिम्मत नहीं है। मैंने आप दोनों को बर्बाद कर दिया। दोबारा पेपर अच्छा जाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।”

 

​इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी शोक और आक्रोश देखा जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट कर सरकार की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

🔴 NEET UG 2026: क्या है पूरा मामला?

​3 मई को आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा के बाद देशव्यापी स्तर पर अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतें सामने आई थीं। केंद्रीय जांच एजेंसियों की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद, 12 मई को इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 मई को दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) कराने का फैसला किया था। इस पूरे मामले की जांच वर्तमान में सीबीआई (CBI) कर रही है, और अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

​दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें भविष्य के लिए पेन-पेपर मोड के स्थान पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) लागू करने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की जा रही है।

🔴 भारत सरकार ने जारी किए महत्वपूर्ण सूचना (हेल्पलाइन):

यदि आप या आपके आसपास का कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है, तो कृपया अकेले न रहें। भारत सरकार की निशुल्क और गोपनीय हेल्पलाइन सेवाओं की मदद लें:

  • किरण (Kiran) मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 1800-599-0019
  • टेली-मानस (Tele-MANAS) हेल्पलाइन: 1800-891-4416 या 14416
  • जीवनसाथी हेल्पलाइन: 1800-233-3330 समय पर की गई बातचीत और सही परामर्श किसी की जिंदगी बचा सकता है।
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