September 10, 2026

उत्तराखंड HRDA से ग्रामीण क्षेत्रों को बाहर करने का प्रस्ताव पास, जिला पंचायत ने उठाई नक्शा पास करने के अधिकार की मांग,,,

उत्तराखंड HRDA से ग्रामीण क्षेत्रों को बाहर करने का प्रस्ताव पास, जिला पंचायत ने उठाई नक्शा पास करने के अधिकार की मांग,,,

देहरादून। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की कार्यप्रणाली और ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा को लेकर जिला पंचायत बोर्ड ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को देवपुरा स्थित जिला पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में जनपद के गांवों को एचआरडीए के अधिकार क्षेत्र से बाहर करने के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई। जिला पंचायत सदस्यों का तर्क है कि प्राधिकरण का ध्यान केवल शहरों के विकास पर है, जबकि ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं।

🟢 नक्शा पास कराने के नाम पर ग्रामीणों का उत्पीड़न

​बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने प्राधिकरण की जटिल प्रक्रियाओं पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। सदस्यों का कहना है कि ग्रामीणों के लिए एचआरडीए से नक्शा पास कराना बेहद चुनौतीपूर्ण और सिरदर्द बन चुका है। सीधे तौर पर काम न होने के कारण ग्रामीणों को प्राधिकरण के चक्कर काटने पड़ते हैं और मजबूरन दलालों का सहारा लेना पड़ता है। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है, लेकिन इसके बदले गांवों में कोई विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है।

🟢 जिला पंचायत को मिले अधिकार, सरल होगी प्रक्रिया

​बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से मांग उठाई गई कि विकास के मामले में प्राधिकरण का दायरा केवल शहरों तक ही सीमित है। इसलिए गांवों को इसके चंगुल से मुक्त किया जाए और जिला पंचायत को खुद नक्शा पास करने का कानूनी अधिकार दिया जाए।

​”जब विकास कार्य केवल शहरों में हो रहे हैं, तो ग्रामीणों को विकास प्राधिकरण के नियमों में क्यों बांधा जा रहा है? यदि जिला पंचायत को नक्शा पास करने का अधिकार मिलता है, तो न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।”- जिला पंचायत सदस्य

 

🟢 बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

​देवपुरा स्थित सभागार में हुई इस बैठक में सभी सदस्यों ने एक सुर में इस मुद्दे का समर्थन किया। सदन ने माना कि प्राधिकरण से गांवों को बाहर निकालना ही ग्रामीण जनता के हित में है। इस संबंध में पारित प्रस्ताव को अब शासन स्तर पर भेजा जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को एचआरडीए के दायरे से बाहर कर जिला पंचायत को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

You may have missed

Share