August 12, 2026

उत्तराखंड जोशीमठ तमक नाले का पुल बहने से नीति घाटी के 14 गांवों और चीन सीमा चौकियों का कटा संपर्क, तमक नाले पहले भी दिखाया था अपना विकराल रूप,,,

उत्तराखंड जोशीमठ तमक नाले का पुल बहने से नीति घाटी के 14 गांवों और चीन सीमा चौकियों का कटा संपर्क, तमक नाले पहले भी दिखाया था अपना विकराल रूप,,,

गोपेश्वर/जोशीमठ: सीमांत नीति घाटी को जोड़ने वाले जोशीमठ-मलारी राजमार्ग पर तमक नाले में आई बाढ़ के कारण पुल एक बार फिर बह गया है। इससे नीति घाटी के 14 से अधिक सीमांत गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है, साथ ही भारत-चीन सीमा पर तैनात सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की चौकियों तक आवाजाही भी बाधित हो गई है।

🔴 तबाही का पर्याय बन चुका है तमक नाला 

तबाही का पर्याय बन चुके तमक नाले में आपदा की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व सीमा सड़क संगठन (BRO) ने यहां आपदा से सुरक्षा के लिए अधिक ऊंचाई वाला आरसीसी (सीमेंट-कंक्रीट) पुल बनाया था, लेकिन 31 अगस्त 2025 को भारी बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ में वह भी बह गया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा अस्थाई ह्यूम पाइप और वैली ब्रिज लगाकर यातायात को सुचारू किया गया था, जो अब पुनः पानी के तेज बहाव में बह गया है। नीति और सुमना घाटी तक पहुंचने के लिए सेना के पास यही एकमात्र सड़क मार्ग है।

🔴 14 गांव अलग-थलग, आवाजाही ठप

पुल टूटने से तमक, जुम्मा, कागा, गरपक, द्रोणागिरी, जेलम, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फर्किया, बांपा और गामशाली सहित घाटी के तमाम गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय व अन्य क्षेत्रों से टूट गया है। उल्लेखनीय है कि इसी तमक नाले से महज पांच किलोमीटर आगे स्थित जुम्मा मोटर पुल भी तीन साल पहले इसी तरह बाढ़ की भेंट चढ़ चुका है।

🔴 ऊंचे बुग्यालों से उद्गम, धौलीगंगा में झील बनने का भी रहा है खतरा

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, तमक नाले का उद्गम नीति घाटी के ऊंचे हिमालयी बुग्याल क्षेत्रों से होता है। बरसात के दिनों में बुग्यालों में होने वाली भारी बारिश से नाले का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ जाता है। पुल के कुछ ही दूरी पर यह नाला धौलीगंगा नदी में मिलता है, जो आगे चलकर जोशीमठ में अलकनंदा से मिलती है।

पिछले दो वर्षों में तमक नाले से आए भारी मलबे के कारण धौलीगंगा में झील बनने की स्थिति भी पैदा हो चुकी है, जिसे हटाने के लिए प्रशासन को शीतकाल में जेसीबी मशीनों से मलबे का रिसाव कराना पड़ा था। वैज्ञानिकों ने भी तमक नाले के इस ढर्रे और धौलीगंगा में बनने वाली झील को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

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