उत्तराखंड प्रकृति का अद्भुत चक्र, ओम पर्वत पर फिर लौटी पवित्र ‘ओम’ की आकृति, यात्रियों में उल्लास,,,,

धारचूला। मानसून काल के बाद बदला नजारा, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग स्थित प्रसिद्ध ओम पर्वत एक बार फिर अपने मूल स्वरूप में लौटने लगा है। प्रकृति के अनूठे नियमों के तहत मानसून काल के समापन के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात शुरू हो गया है, जिससे ओम पर्वत पर बर्फ की ‘ओम’ आकृति दोबारा स्पष्ट रूप से उभर आई है।
ग्लेशियर न होना है मुख्य कारण
स्थानीय लोगों और मौसम के जानकारों के अनुसार ओम पर्वत ट्रांस हिमालय क्षेत्र में आता है। इस पर्वत पर बर्फ का स्थायी ग्लेशियर नहीं है। शीतकाल में कम या अधिक बर्फबारी के बाद मानसून काल में बारिश के कारण यहाँ की बर्फ पिघल जाती है और यह पर्वत बर्फविहीन हो जाता है। इस वर्ष भी जुलाई माह में ओम पर्वत से बर्फ की आकृति गायब हो गई थी, जो अब ताजा हिमपात के बाद फिर से दिखने लगी है।
यात्रियों में उल्लास और पंचाचुली की चमक

तकलाकोट व्यापार मार्ग से लौटे वाहन चालक गोविंद गब्र्याल द्वारा ली गई ताजा तस्वीरों में ‘ओम’ की आकृति पूरी तरह स्पष्ट दिख रही है। आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने से ठीक पहले इस आकृति के वापस उभरने से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। इसके साथ ही, हालिया हिमपात से पंचाचुली की चोटियां भी जगमगा उठी हैं, जिससे जल्द शुरू होने वाले पंचाचुली ग्लेशियर ट्रेक के लिए पर्यटकों का आकर्षण और बढ़ जाएगा।

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