उत्तराखंड बागेश्वर के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात, निचले इलाकों में बढ़ी ठिठुरन, फसलों को लेकर किसान चिंतित,,,,

बागेश्वर। जनपद में आश्विन (सितंबर) माह के अंत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जिले में बीते दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बीच पिंडारी ग्लेशियर सहित कपकोट तहसील के मल्ला दानपुर क्षेत्र की ऊंची हिमालयी चोटियों पर सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया। असोज के महीने में ही चोटियों के बर्फ की सफेद चादर से ढक जाने के कारण समूचे क्षेत्र के तापमान में भारी गिरावट आई है।
उच्च शिखरों पर हुई बर्फबारी का सीधा असर घाटी और निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। अमूमन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में महसूस होने वाली ठंड के सितंबर में ही दस्तक देने से स्थानीय लोग भी हैरान हैं। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने बक्सों से गरम कपड़े निकाल लिए हैं और ग्रामीण अंचलों में अलाव का सहारा लिया जाने लगा है।
खेती-किसानी के काम में बाधा, ग्रामीण परेशान

मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने सबसे ज्यादा मुश्किलें सीमांत और पर्वतीय किसानों के लिए खड़ी कर दी हैं। मल्ला दानपुर के अंतिम हिमालयी गांव खाती के ग्रामीण यामू सिंह, प्रकाश सिंह और तारा सिंह ने बताया कि इन दिनों किसान खेतों में पक चुकी फसलों को समेटने और मड़ाई के काम में व्यस्त थे।
लगातार हो रही बारिश और अचानक बढ़ी कड़ाके की ठंड के कारण कृषि कार्य पूरी तरह ठप पड़ गया है। यदि आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहा, तो तैयार फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे ग्रामीणों की चिंताएं गहरी हो गई हैं। कपकोट के उच्च हिमालयी गांवों में वर्तमान में मौसम के तेवर पूरी तरह शीतकालीन दौर जैसे बने हुए हैं।

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