August 31, 2026

उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, पांच जिलों में स्कूल बंद, SDRF हाई अलर्ट पर,,,

उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, पांच जिलों में स्कूल बंद, SDRF हाई अलर्ट पर,,,

​देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार तीखा बना हुआ है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों को राज्य के लिए बेहद संवेदनशील बताया है। पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके अलावा पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है। भारी बारिश के चलते अचानक जलभराव, भूस्खलन और सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका बनी हुई है।

🔴 पांच जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश

​बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर देहरादून, चमोली, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने अभिभावकों और बच्चों से सतर्क रहने की अपील की है।

🔴 भूस्खलन और उफनती नदियों से जनजीवन प्रभावित

​रविवार को पूरे प्रदेश के सभी 13 जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर पहाड़ी दरकने से मुख्य हाईवे करीब छह घंटे तक बंद रहा। मसूरी के पानी वाले बैंड क्षेत्र में भूस्खलन के कारण ऊपर स्थित मकानों पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं, देहरादून के सौड़ा सरोली में तेज बहाव के चलते सड़क का एक हिस्सा बह गया और तमसा तथा शीतला नदियां उफान पर रहीं। चमोली के सिमली मोटर मार्ग और टिहरी के नरेंद्रनगर-गुजराड़ा मार्ग पर भी मलबा आने से आवाजाही बाधित हुई।

🔴SDRF पूरी तरह मुस्तैद, हाई अलर्ट पर जवान

​आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है। सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी कंपनियों को आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट और रोप रेस्क्यू संसाधनों के साथ अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए।

🔴 नदियों और संवेदनशील ढलानों पर कड़ी निगरानी

​SDRF की टीमों को नदियों, गदेरों, नालों और भूस्खलन संभावित संवेदनशील ढलानों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। स्थानीय नागरिकों को भी संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सेनानायक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जवानों की व्यक्तिगत सुरक्षा सर्वोपरि रहनी चाहिए और किसी भी आपातकालीन सूचना पर बिना एक पल गंवाए त्वरित राहत कार्य शुरू किया जाए।

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