उत्तराखंड में मानसून का कहर, मौसम विभाग ने 7 जिलों में जारी किया येलो अलर्ट, गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना,,,

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के सात प्रमुख जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह चेतावनी 21 अगस्त को सुबह 11:28 बजे से 22 अगस्त को सुबह 11:28 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की पूरी संभावना है।
इन जिलों में रहेगा मौसम खराब
मौसम विभाग के अनुसार, जिन सात जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
- अल्मोड़ा
- चंपावत
- हरिद्वार
- पौड़ी गढ़वाल
- रुद्रप्रयाग
- ऊधम सिंह नगर
- उत्तरकाशी
इन जनपदों के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज गर्जन की आशंका जताई गई है।
इन क्षेत्रों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह
प्रशासन और मौसम विभाग ने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों और उनके आसपास के इलाकों में एहतियात बरतने की सलाह दी है:
- रुड़की और लक्सर
- पुरोला, बड़कोट, गंगोत्री और यमुनोत्री (उत्तरकाशी क्षेत्र)
- केदारनाथ (रुद्रप्रयाग क्षेत्र)
- रानीखेत, लोहाघाट, टनकपुर और द्वाराहाट
- बाजपुर और रुद्रपुर
- कोटद्वार और बीरोखाल
पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
तेज और लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide), सड़कों पर मलबा आने और यातायात बाधित होने की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। उत्तरकाशी के पुरोला, बड़कोट, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की हिदायत दी गई है।
आकाशीय बिजली के दौरान रखें ये सावधानियां
खराब मौसम और गर्जन की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने आमजन से अपील की है कि:
- खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें।
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से परहेज करें।
- स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों (Advisories) का सख्ती से पालन करें।
आपदा प्रबंधन तंत्र को भी सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी तरह मुस्तैद रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पुख्ता रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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